मध्य प्रदेश में 1KM के लिए 2 रुपये सरकारी बस का किराया, इतना तो यूपी-राजस्थान में भी नहीं
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के शुभारंभ के बाद भी बस किराया पड़ोसी राज्यों से काफी महंगा है। ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को हरी झंडी दिखाते नितिन गडकरी और मोहन यादव।
HighLights
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा लॉन्च के बावजूद बस किराया महंगा।
मध्य प्रदेश में सामान्य यात्री बसों का किराया ₹2 प्रति किलोमीटर।
पड़ोसी राज्यों की तुलना में एमपी में बस का सफर काफी महंगा।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बीते दिनों नागरिकों को सुलभ, सुरक्षित, आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सुविधा लॉन्च की थी। परिवहन विभाग की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ का 25 सितंबर 2026 को शुभारंभ किया गया। अब इसके किराए को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
दरअसल, यात्रियों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा लॉन्च होने के बाद उन्हें किराए में कुछ राहत मिलेगी लेकिन ऐसा होता नहीं दिखा। पड़ोसी राज्यों से अगर इसकी तुलना करें तो मध्यप्रदेश में किराया काफी महंगा है। ये तब हुआ जब एमपी सरकार ने बस ऑपरेटर्स की एक चेतावनी के बाद यात्री बसों के किराए में 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी।
कितना बढ़ा किराया?
एमपी सरकार ने हाल ही में अगस्त के पहले सप्ताह में सामान्य यात्री बसों का किराया 1.25 से बढ़ाकर 2 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया है। वहीं डीलक्स, स्लीपर और एसी बसों की श्रेणियों में सामान्य किराए से 25% से 75% तक अधिक दरें लागू होती हैं, जिसके तहत एसी लग्जरी के नाम पर 3.50 रुपये प्रति किलोमीटर तक किराया लिया जा सकता है।
अन्य राज्यों से तुलना
अन्य राज्यों में संचालित यात्री बसों के किराये से जब इसकी तुलना की गई तो एमपी में बसों का सफर काफी महंगा है। अगर उत्तरप्रदेश में बसों के न्यूनतम किराये की बात की जाए तो ये 1.35 रुपये प्रति किमी. है जबकि अधिकतम किराया 2.86 रुपये प्रति किमी।
राजस्थान में न्यूनतम किराया 0.95 रुपये प्रति किमी. और अधिकतम किराया 2.10 रुपये प्रति किमी.। छत्तीसगढ़ में न्यूनतम किराया 1.25 रुपये और अधिकतम किराया 2.81 रुपये प्रति किमी. है। गुजरात की अगर बात करें तो न्यूनतम किराया 0.95 रुपये और अधिकतम किराया 2.70 रुपये प्रति किमी. रखा गया है।
