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इंतजार छोड़ खुद लिखी अपनी किस्मत: छिंदवाड़ा के ग्रामीणों ने पहाड़ काटकर बना दिया 4 किलोमीटर का रास्ता

Published: Tue, 27 Oct 2026 08:31 PM (IST)

छिंदवाड़ा के जामुनडोंगा गांव के ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन की मदद का इंतजार किए बिना, जन सहयोग और श्रमदान से 4 किमी लंबा पहाड़ी रास्ता खुद बनाया।

HighLights

  1. जामुनडोंगा ग्रामीणों ने 4 किमी पहाड़ी रास्ता खुद बनाया

  2. जन सहयोग व श्रमदान से दुर्गम मार्ग सुगम हुआ

  3. बीमारों, गर्भवती महिलाओं को अब मिलेगी सुविधा

डिजिटल डेस्क, छिंदवाड़ा। आजादी के बाद से शासन-प्रशासन से सड़क की आस में बैठे रहने के बजाय जामुन डोंगा गोप के रहवासियों ने बीते माह एक ऐसा फैसला लिया जो ग्रामीण अंचल के रहवासियों के लिए मिसाल बन गया है ।

बीते कई वर्षों से शासन प्रशासन के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र के विकास की आस लगाए दमुआ की पड़ौसी पंचायत गोप के मजरे टोले जामुनडोंगा के रहवासियों ने बीते 10 से 20 अक्टूबर के बीच जन सहयोग से टू टेन मशीन और सबके श्रमदान से जामुनडोंगा को गोप पंचायत मुख्यालय से जोड़ने वाले 4 कि मी दुर्गम पहाड़ी रास्ते को काटकर कच्चा सड़क मार्ग बना लिया है।

ग्रामीणों ने 4 किमी पहाड़ी रास्ता खुद बनाया

इस मार्ग के बनने से एक सौ बीस घरों के मजरे टोले जामुन डोंगा की बसाहट के करीब साढ़े सात सौ लोगो के लिए गोप पहुंचना जहां थोड़ा सुगम होगा ।वहीं बस्ती के बुजुर्गों, बीमारों, गर्भवतियों और असहायों को मुख्य सड़क मार्ग तक पहुंचाने में बड़ी सहूलियत होगी।

दरअसल इसी वर्ष बीते 19,20 अगस्त को जामुन डोंगा बस्ती की बहू का जीवन सड़क मार्ग नहीं होने से संकट में आ गया था । परिजनों बस्ती के लोगो ने बरसात के पानी से भीगते हुए उसे डोली के सहारे उबड़ खाबड़ रास्तों से गुजरते हुए किसी तरह गोप मुख्यालय के सड़क मार्ग तक मुश्किलों का सामना करते हुए लाया था।

जन सहयोग व श्रमदान से बनी सड़क

दमुआ से रिफर हुई महिला का छिन्दवाड़ा जिला चिकित्सालय में लंबे इलाज के बाद जीवन संकट से उबर सका था। इस घटना से सबक लेते हुए गांव के बुजुर्गों युवाओं ने चौपाल लगाकर मंथन कर फैसला लिया कि गांव के लोगो से चंदा (आर्थिक सहयोग) जुटाकर उससे मशीन के उपयोग कर दुर्गम पहाड़ो को काटा जाए फिर गांव वालों के श्रमदान से एक ऐसा कच्चा रास्ता तैयार किया जाए जिससे वाहनों आदि से आवागमन सुलभ हो सके।

बता दें कि गोप पंचायत का मजरा टोला जामुन डोंगा पंचायत मुख्यालय गोप के मुख्य मार्ग से कटा हुआ था। बरसात में पहाड़ी पगडंडी पर आवाजाही बंद हो जाती थी, बीमार और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी होती थी। कई बार मांग के बाद भी पक्की सड़क नहीं बनने पर ग्रामीणों ने खुद ही रास्ता बनाने का निर्णय लिया।

बीमारों, गर्भवती महिलाओं को अब मिलेगी सुविधा

गांव के युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं ने मिलकर फैसला लिया कि अब और इंतजार करने के बजाय गांव वाले खुद चंदा करके राशि जुटाएंगे और जरूरत पड़ने पर श्रमदान करके गांव तक आसानी से पहुँचने के लिए रास्ता तैयार करेंगे ।

बैठक में गांव और टोले के लोगो ने सहमति जताई । बसाहट के घर घर से आर्थिक सहयोग देने लोग आगे आए । राशि इकट्ठी होने पर कंचन शा नर्रे और उनके साथियों ने पहाड़ के दुर्गम स्थलों पर मशीन से पहाड़ को काटने और फिर गांव वालों के श्रम दान से सड़क तैयार करने की योजना बनाई । 10 अक्टूबर से टू टेन मशीन से पहाड़ के।

कठिन हिस्सो को काटने का। काम शुरू हुआ ।मशीन के साथ साथ गांव और मजरे के रहवासियों ने फावड़ा, कुदाली और टांगी से पहाड़ के पत्थरों को काटा। करीब दस दिनों के अथक श्रमदान से पहाड़ के बीच से होकर 4 किमी कच्चा रास्ता तैयार किया गया। इस कार्य में ग्रामीणों ने चंदा कर डीजल और औजारों का खर्च भी खुद ही उठाया।