'जनता की भागीदारी से ही सफल होगा मिशन', बिट्टू तबाही ने की जनसहयोग की अपील; स्वच्छता अभियान को मिला अफसरों का साथ
बिट्टू तबाही के अजनार नदी सफाई अभियान को जिला प्रशासन का साथ मिला है, जिससे नदी के बार-बार प्रदूषित होने से निराश बिट्टू को नई उम्मीद मिली।


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में अजनार नदी को साफ करने की मुहिम चला रहे 20 वर्षीय छात्र बिट्टू तबाही की उम्मीदों को नया साथ मिला है।
नदी के फिर से गंदा होने से निराश होकर बिट्टू ने अपना अभियान बंद करने का मन बना लिया था, लेकिन अब जिला प्रशासन ने उनका साथ देने और इस मिशन को आगे बढ़ाने का भरोसा दिया है।
क्यों टूट गया था बिट्टू का हौसला?
ब्यावरा के रहने वाले बिट्टू तबाही लंबे समय से अपने खर्च पर और कभी-कभी नंगे हाथों से कचरा हटाकर अजनार नदी को साफ कर रहे थे। हालांकि, उनके साफ किए गए हिस्से में लोग बार-बार दोबारा कचरा और प्लास्टिक फेंक देते थे।
टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, लगातार गंदगी फैलाए जाने से आहत होकर उन्होंने अपनी मुहिम छोड़ने की बात कही थी। बिट्टू ने बताया कि मैं जितनी बार नदी को साफ करता हूं, लोग फिर से वहां कचरा डालना शुरू कर देते हैं। अकेले एक व्यक्ति की कोशिश से नदी को हमेशा साफ नहीं रखा जा सकता।
कलेक्टर ने मदद का दिया भरोसा
इस संबंध में मीडिया में खबर आने के बाद राजगढ़ के कलेक्टर गिरीश मिश्रा ने गुरुवार शाम बिट्टू को अपने कार्यालय बुलाया। कलेक्टर ने उनके निस्वार्थ प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया और नदी सफाई अभियान में हर संभव प्रशासनिक मदद देने का वादा किया।
कलेक्टर गिरीश मिश्रा ने कहा कि अधिकारियों को पूरी अजनार नदी की सफाई के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बिट्टू ने न केवल नदी के एक हिस्से को साफ किया, बल्कि अन्य लोगों को भी प्रेरित करने का बेहद सराहनीय काम किया है।
प्रशासन के साथ जनता की भागीदारी भी जरूरी
प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया का स्वागत करते हुए बिट्टू ने कहा कि नगर पालिका और प्रशासन से उन्हें पूरा सहयोग मिल रहा है, लेकिन सिर्फ सरकारी मदद से यह समस्या हल नहीं हो सकती।
बिट्टू ने कहा कि जब तक समाज में जागरूकता नहीं आएगी, तब तक नदी साफ नहीं रह सकती। उन्होंने कहा कि अजनार को साफ रखने की जिम्मेदारी ब्यावरा के हर नागरिक की है।
कुछ लोग लगातार पानी में हर तरह का कचरा फेंक रहे हैं। लोगों को यह समझना होगा कि सार्वजनिक संसाधनों और धरोहरों को साफ रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
जन-आंदोलन बनाने की तैयारी
ब्यावरा से होकर बहने वाली अजनार नदी लंबे समय से प्लास्टिक, घरेलू कचरे और मलबे की मार झेल रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि नदी की सफाई का जिम्मा केवल एक व्यक्ति पर न रहे, बल्कि इसे एक जन-आंदोलन बनाया जाए ताकि लोगों के व्यवहार में बदलाव आए और सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलाने की आदत रुके।
