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VIDEO : 30 सेकंड में 24 बार चाकू से वार, भोपाल में 2 नाबालिगों ने क्लब में 10वीं के छात्र पर किया हमला

Published: Mon, 23 Feb 2026 12:46 PM (IST)Updated: Mon, 23 Feb 2026 01:00 PM (IST)

भोपाल में एक स्नूकर क्लब में 10वीं के छात्र को दो नाबालिगों ने 30 सेकंड में 27 बार चाकू मारा। ...और पढ़ें

HighLights

  1. भोपाल के स्नूकर क्लब में छात्र पर हमला

  2. दो नाबालिगों ने 30 सेकंड में 27 वार किए

  3. हमले का CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक स्नूकर क्लब के अंदर 10वीं क्लास के एक स्टूडेंट को 30 सेकंड में 27 बार चाकू मारा गया। जिसके बाद आरोपियों ने खुद ही CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। CCTV फुटेज में दो नाबालिग क्लब में फिल्मी स्टाइल में घुसते हुए दिख रहे हैं। फिर, हमरावार स्टूडेंट को घेर लेते हैं और चाकू और खंजर से ताबड़तोड़ हमला कर देते हैं।  फिर हमलावर उतनी ही तेजी से मौके से भाग गए जितनी तेजी से वे आए थे।

कहां-कहां आई चोटें?

पीड़ित 10वीं के छात्र की एक कलाई पर 10 से ज्यादा गहरे कट लगे, जबकि दूसरे हाथ की दो उंगलियां कट गईं। वही, कंधे और पीठ पर भी गंभीर चोटें आईं है। बेरहमी से किए गए हमले के बावजूद, छात्र किसी तरह भागने में कामयाब रहा। जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां अभी उसका इलाज चल रहा है। यह हमला 15 फरवरी की रात गणेश चौक के एक क्लब में हुआ। वीडियो रविवार को ऑनलाइन सामने आया।

पुलिस ने बताया कि घायल छात्र गौतम नगर पुलिस स्टेशन इलाके का रहने वाला है, स्नूकर क्लब में रेगुलर आता था। आरोपी भी 16 साल का 10वीं क्लास का स्टूडेंट है, और पीड़ित के कोचिंग सेंटर में ही पढ़ता है। जांच करने वालों के मुताबिक, मकसद बदला लेना था।

क्या है पूरा मामला?

घटना से कुछ दिन पहले, पूल के खेल के दौरान दबदबे को लेकर कहासुनी हुई थी। और पीड़ित ने दोनों आरोपियों को थप्पड़ मार दिए थे। जिसके बाद दोनों के बीच तनातनी बढ़ गई थी।

इस मामले ने कानून लागू करने वाली एजेंसियों के रिस्पॉन्स पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मारपीट से जुड़ी धाराओं के तहत फर्स्ट इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (FIR) दर्ज की गई।

हिरासत में लेने के बाद दोनों नाबालिगों को नोटिस देकर रिहा कर दिया गया। सब-इंस्पेक्टर मणिपाल सिंह भदौरिया ने कहा कि मामला शुरू में मारपीट से जुड़ी धाराओं के तहत दर्ज किया गया था, और मेडिकल रिपोर्ट में चोटों की गंभीरता के बाद और गंभीर धाराएं जोड़ी जाएंगी।

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