इंदौर, जेएनएन । पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें कम होने का असर जल्द ही महंगाई पर देखने को मिलेगा, क्योंकि ट्रांसपोटर्स ने 15 से 20 प्रतिशत तक किराया कम करने का निर्णय लिया है। इधर, सीएनजी के दामों में कमी नहीं आने से आटो रिक्शा चालक परेशान है। रिक्शा चालकों का कहना है कि भले ही थोड़ा किराया बढ़ाया गया है, लेकिन सीएनजी के भाव लगातार बढ़ रहे हैं।

मालूम हो कि शनिवार को पेट्रोल-डीजल के भाव कम हुए, लेकिन सीएनजी के भाव बढ़ गए। जानकारों का कहना है कि अभी सीएनजी के भाव और बढ़ेंगे। विदेशों से आपूर्ति प्रभावित होने से इसके दाम बढ़ रहे हैं। वहीं, बस संचालकों का कहना है कि उन्हें अभी भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वे अपनी किराया बढ़ाने की मांग पर कायम है। मालूम हो कि शनिवार को केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों में राहत दी है। इंदौर में डीजल 7.25 रुपये तक सस्ता हुआ है। इंदौर ट्रक आपरेटर्स एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष ने बताया कि डीजल के दाम कम होने से हमें राहत मिली है, इसलिए हमने भाड़ा कम करने का फैसला लिया है।

सोमवार से 15 से 20 प्रतिशत तक कम भाड़ा लिया जाएगा। अब मुंबई जाने वाले ट्रकों में 1.80 पैसे प्रति किलो की जगह 1.60 पैसे प्रति किलो तक का भाड़ा लिया जाएगा। अन्य रूट पर भी भाड़ा कम किया जाएगा। एसोसिएशन अध्यक्ष ने बताया कि ज्यादा भाड़ा होने से खाद्य पदार्थों समेत अन्य वस्तुओं के दामों में इजाफा होता है, लेकिन अब परिवहन लागत कम होने से आमजन को भी फायदा होगा। हालांकि इसका असर अगले कुछ दिनों में देखने को मिलेगा।

मालूम हो कि प्राइम रूट बस आनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि जब आखिरी बार किराया सरकार ने बढ़ाया था। उस समय से अब तक डीजल के भाव 16 रुपये बढ़ चुके थे, जिसमें से सरकार ने 7.25 पैसे कम किए हैं। इसके बाद भी हम लोग घाटे में हैं। हालांकि हमारा घाटा थोड़ा कम हुआ है। 

Edited By: Priti Jha