विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मामले में आगरा के ओलिंपियन पर मुरैना पुलिस ने घोषित किया पांच हजार का इनाम; ससुर ने दर्ज कराया था केस

Published: Mon, 12 Oct 2026 10:35 PM (IST)

ओलिंपिक खिलाड़ी अंकित शर्मा पर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के जरिए उम्र कम दिखाकर प्रतियोगिताएं जीतने और नौकरी पाने का आरोप ...और पढ़ें

आरोपित अंकित शर्मा। (फाइल फोटो)

आरोपित अंकित शर्मा। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. ओलिंपियन अंकित शर्मा पर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र का आरोप।

  2. मुरैना पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए 5,000 का इनाम रखा।

  3. कम उम्र दिखाकर पदक जीते और आयकर विभाग में नौकरी पाई।

डिजिटल डेस्क, मुरैना। ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके एथलेटिक्स खिलाड़ी अंकित शर्मा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मुरैना पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। अंकित पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी जन्म प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेजों के जरिए अपनी उम्र पांच से छह साल कम दर्शाई, कम उम्र के खिलाड़ियों की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और पदक जीतकर आयकर विभाग में खेल कोटे से नौकरी हासिल की। मामले में जांच के बाद उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

मुरैना एसपी धर्मराज मीना ने सोमवार को अंकित की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के पिनाहट कस्बे के हरनौटा रोड निवासी अंकित फिलहाल चेन्नई में आयकर निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने वर्ष 2016 में दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। इसी वर्ष उन्होंने रियो डी जेनेरियो में आयोजित ओलिंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था। खेल उपलब्धियों के आधार पर उन्हें सरकारी नौकरी मिली थी।

ससुर की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

इस मामले में ग्वालियर निवासी अंकित के ससुर डॉ. आनंद तिवारी ने करीब दो महीने पहले शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में अंकित की जन्मतिथि और अलग-अलग स्कूलों में उनके दाखिले से जुड़े दस्तावेजों पर सवाल उठाए गए थे। आरोपों के मुताबिक, रिकॉर्ड में दर्ज जन्मतिथि में अंतर के जरिए उनकी उम्र कम दर्शाई गई, ताकि वे कम उम्र के खिलाड़ियों के साथ प्रतियोगिताओं में भाग ले सकें।

दो जन्मतिथियों के बीच पांच साल का अंतर

शिकायत के अनुसार, अंकित शर्मा, पुत्र हरिनाथ शर्मा, की वास्तविक जन्मतिथि एक अगस्त 1987 है। उन्होंने वर्ष 1995 में आगरा जिले के विप्रावली-पिनाहट स्थित प्राथमिक स्कूल से पांचवीं की परीक्षा दी थी। इसके बाद वर्ष 1999 से 2004 के बीच पिनाहट के गुलजारीलाल चुन्नीलाल जैन हाईस्कूल और सर्वोदय विद्या मंदिर में पढ़ाई करते हुए आठवीं से 12वीं तक की शिक्षा हासिल की।

दूसरी ओर, रिकॉर्ड के मुताबिक, अंकित ने 29 जुलाई 2002 को मुरैना के शासकीय ज्योति विद्यालय में दाखिला लिया था और वर्ष 2003 में आठवीं की परीक्षा पास की। आरोप है कि इस दाखिले के लिए 20 जुलाई 1992 की जन्मतिथि वाला प्रमाणपत्र इस्तेमाल किया गया, जबकि शिकायतकर्ता ने उनकी वास्तविक जन्मतिथि एक अगस्त 1987 बताई है।

यह भी पढ़ें- समलैंगिक डेटिंग एप पर दोस्ती कर युवक को होटल में बुलाया, न्यूड वीडियो बनाकर लूटे 1.38 लाख; ग्वालियर में दो गिरफ्तार

उम्र कम दिखाकर प्रतियोगिताओं में खेलने का आरोप

शिकायत में कहा गया है कि फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर अंकित की उम्र करीब पांच साल कम दर्शाई गई। इससे उन्हें कम आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं में खेलने का अवसर मिला और उन्होंने पदक हासिल किए। बाद में इन्हीं खेल उपलब्धियों के आधार पर आयकर विभाग में नौकरी पाने का आरोप भी लगाया गया है।

जांच के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है और अब अंकित की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया गया है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।