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भोपाल में 3 अक्टूबर को होगा गौपालक सम्मेलन, केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री अमित शाह देंगे सौगात

Published: Fri, 02 Oct 2026 07:22 PM (IST)

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर को भोपाल में गौपालक सम्मेलन में शामिल होंगे, जहाँ वे पशुपालन क्षेत्र में कई परियोजनाओं का शुभारंभ और गौपालकों को सम्मानित करेंगे।

अमित शाह 3 अक्टूबर को भोपाल में गौपालक सम्मेलन में देंगे कई सौगातें

अमित शाह 3 अक्टूबर को भोपाल में गौपालक सम्मेलन में देंगे कई सौगातें

HighLights

  1. केंद्रीय मंत्री अमित शाह भोपाल में गौपालक सम्मेलन में होंगे शामिल।

  2. उज्जैन डेयरी प्लांट का भूमि-पूजन, भोपाल में नए प्लांट का उद्घाटन।

  3. गौपालक दीदियों का सम्मान और दुग्ध उत्पादकों को बोनस वितरण।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश में दुग्ध क्रांति के सूत्रपात के लिए केंद्रीय सहकारिता एवं गृहमंत्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 3 अक्टूबर को भोपाल में गौपालक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा भेल दशहरा मैदान में आयोजित होने वाले सम्मेलन में 35 हजार से अधिक गोपालक शामिल होंगे।

कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता एवं गृहमंत्री अमित शाह पशुपालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली गौपालक दीदियों को सम्मानित करेंगे। साथ ही वे डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र का वितरण भी करेंगे।

केंद्रीय सहकारिता मंत्री शाह उज्जैन में 3 लाख लीटर प्रसंस्करण क्षमता वाले अत्याधुनिक डेयरी प्लांट का वर्चुअल तरीके से भूमि-पूजन भी करेंगे। वे भोपाल में तैयार 40 हजार लीटर उत्पादन क्षमता वाले फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट और मध्यप्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन भोपाल के परिसर में बनाई गई सहकारी क्षेत्र की पहली अत्याधुनिक राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला और मिनी डेयरी संयंत्र शिवपुरी का शुभारंभ भी करेंगे।

दुग्ध उत्पादकों को बोनस राशि का वितरण

केंद्रीय सहकारिता एवं गृहमंत्री अमित शाह सम्मेलन में भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ के दुग्ध उत्पादकों को बोनस राशि का वितरण करेंगे। इसके अलावा प्रदेश सरकार द्वारा पंजीकृत एवं संचालित गौशालाओं में संरक्षित गोवंश के रखरखाव एवं भरण-पोषण के लिए माह जुलाई और अगस्त 2026 की अनुदान राशि का ऑनलाइन डीबीटी के माध्यम से वितरण करेंगे।

यह राशि गौशालाओं में दर्ज गोवंश के समुचित व्यवस्थापन, आहार एवं भरण-पोषण के लिए दी जाती है।