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भोपाल में अमित शाह का कांग्रेस पर वार: 'रैली, विरोध और नकारात्मकता ही काम'; बोले- श्वेत क्रांति 2.0 में MP में होंगी सर्वाधिक डेयरियां

Published: Sat, 03 Oct 2026 11:01 PM (IST)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भोपाल में कांग्रेस पर नकारात्मकता फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा सरकार ...और पढ़ें

गोपालकों के सम्मेलन को संबोधित करते केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह। (सौजन्य- जनसंपर्क विभाग)

गोपालकों के सम्मेलन को संबोधित करते केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह। (सौजन्य- जनसंपर्क विभाग)

HighLights

  1. अमित शाह ने कांग्रेस पर नकारात्मकता फैलाने और विकास रोकने का आरोप लगाया।

  2. श्वेत क्रांति 2.0 के तहत मध्य प्रदेश में सर्वाधिक सहकारी डेयरियां स्थापित की जाएंगी।

  3. केंद्रीय गृह मंत्री शाह बोले- नए न्याय कानूनों से तीन साल में त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।

राज्य ब्यूरो, भोपाल। देश के गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को भोपाल के बीएचईएल स्थित दशहरा में हजारों गोपालकों के सम्मेलन में कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेसियों का काम रैली निकालना, विरोध करना और नकारात्मकता फैलाना है। इन्होंने 75 साल तक देश के सहकारिता और ग्रामीण विकास से जुड़े लोगों की मांग के बाद भी स्वतंत्र मंत्रालय नहीं बनने दिया। मैं इन्हें हिसाब देने आया हूं।

शाह ने कहा कि 75 साल में देश में दूध का कुल उत्पादन 14 करोड़ सात लाख टन था, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दस साल में 25 करोड़ तक पहुंचाने का काम किया है। यह इसलिए होता है क्योंकि भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारें लगन के साथ काम करती हैं।

उन्होंने तीन नए कानूनों के क्रियान्वयन से देश की न्याय व्यवस्था में आने वाले परिवर्तनों को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारी न्याय व्यवस्था पहले तारीख पर तारीख के तानों से जानी जाती थी। नए कानूनों के पूरे क्रियान्वयन के बाद सुप्रीम कोर्ट तक किसी भी दोषी को तीन साल में सजा दिलाने की व्यवस्था होगी। यह दंड देने का कानून नहीं है, बल्कि न्याय सुनिश्चित करने की व्यवस्था है। कानूनों के पूर्ण क्रियान्वयन के बाद भारत में दुनिया की सबसे अच्छी आपराधिक न्याय प्रणाली बनेगी। उन्होंने सम्मेलन में पहुंचने से पहले तीनों नए कानूनों के क्रियान्वयन पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन व अवलोकन किया।

मप्र में स्थापित होंगी सर्वाधिक डेयरियां

केंद्रीय सहकारिता मंत्री शाह ने गोपालकों को संबोधित करते हुए कहा कि  देशभर में श्वेत क्रांति 2.0 के अंतर्गत 75 हजार सहकारी डेयरी स्थापित होंगी, जिनमें सर्वाधिक की स्थापना मध्य प्रदेश में होगी। दुग्ध उत्पादन के आधार पर कांग्रेस और भाजपा सरकार के बीच अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि 2014 के पहले जो उत्पादन 14 करोड़ सात लाख टन था, वह 25 करोड़ पहुंच गया। प्रति व्यक्ति दुग्ध की उपलब्धता 307 ग्राम प्रतिदिन से 58 प्रतिशत बढ़कर 486 हो गई है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र सहित पांच राज्य दुग्ध उत्पादन में अग्रणी हैं।

कांग्रेस के शासन में नहीं हुआ पशुपालकों का भला

शाह ने कहा कि यहां कांग्रेस की नो एंट्री है, क्योंकि उनके शासन में कभी पशुपालकों की भलाई के लिए काम नहीं हुआ। अंग्रेजों के जमाने के कानून का मकसद अपने शासन को बचाना था। नए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम नागरिकों के सम्मान और उनकी रक्षा के लिए हैं।

इनका मूल न्याय है ना कि दंड। अपराध करने वाला कोई नहीं बच सकता है। कई आधुनिक प्रकार के वैज्ञानिक अनुसंधानों को इससे जोड़ा गया है। आतंकवाद और संगठित अपराध से निपटने के लिए भी इसमें सुरक्षा और कार्रवाई की व्यवस्था की गई है।

मप्र को बनाएंगे नशामुक्त

उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश को नशामुक्त बनाएंगे। मध्य प्रदेश नारकोटिक्स से मुक्त हो जाए, इसके लिए 31 दिसंबर 2029 का लक्ष्य है। आगे नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। मध्य प्रदेश के सभी नागरिकों, विशेष रूप से माताओं को मैं यह भरोसा दिलाने आया हूं कि आपके बेटे-बेटियों के लिए मध्य प्रदेश में नशे की जगह नहीं होगी और उनका भविष्य उज्ज्वल होगा।

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पशुपालकों से 55 रुपये लीटर में खरीद रहे दूध : मुख्यमंत्री

इसके पहले सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पशुपालकों का दूध पहले 35 रुपये प्रति लीटर खरीदा जाता था। बिचौलिए इसमें लाभ उठाते थे। हम सहकारिता के माध्यम से 55 रुपये प्रति लीटर खरीद रहे हैं। पहले सहकारी क्षेत्र से दूध का संकलन प्रतिदिन आठ लाख लीटर था। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) से अनुबंध के बाद 12 लाख लीटर हो गया है। इसे तीन वर्ष में 50 लाख लीटर तक ले जाएंगे।

संगठित और असंगठित क्षेत्र के साथ सहकारिता के आधार पर पशुपालन और दुग्ध उत्पादन से किसानों की आय बढ़नी चाहिए। इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। अभी सात हजार सहकारी समितियां हैं। इनकी संख्या भी बढ़ाएंगे और दूध का संग्रहण भी। मध्य प्रदेश में छह करोड़ पशु धन है, लेकिन इसकी तुलना में दूध उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए नस्ल सुधार का काम भी कर रहे हैं।