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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 26, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इंदौर में जहर सप्‍लायी करने वाली ई-कॉमर्स कंपनी पर कार्रवाई, नरोत्तम मिश्रा ने दिया FIR का आदेश

By Babita KashyapEdited By:
Published: Fri, 26 Nov 2021 12:12 PM (IST)Updated: Fri, 26 Nov 2021 12:27 PM (IST)

मध्‍य प्रदेश के गृहमंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा ने आनलाइन जहर मंगवाने के मामले में ई कॉमर्स वेबसाइट पर एफआइआर दर्ज ...और पढ़ें

गृहमंत्री नरोत्‍तम मिश्रा ई कॉमर्स वेबसाइट पर एफआइआर का आदेश
गृहमंत्री नरोत्‍तम मिश्रा ई कॉमर्स वेबसाइट पर एफआइआर का आदेश

इंदौर, जेएनएन।ऑनलाइन सल्‍फास सप्‍लायी करने के मामले में ई कॉमर्स वेबसाइट पर सख्‍त होते हुए राज्‍य के गृहमंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा ने एफआइआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। गृहमंत्री नरोत्‍तम मिश्रा का कहना है कि कंपनी के अधिकारियों को पुलिस अपने तरीके से तलब करें। दरअसल जुलाई 2021 में लोधा कालोनी में रहने वाले 18 वर्षीय आदित्‍य ने सल्‍फास खाकर आत्‍महत्‍या कर ली थी। उसके पिता रणजीत वर्मा ने आरोप लगाया था कि ये जहर उसने ई-कॉमर्स वेब साइट से मंगवाया था। रणजीत की शिकायत पर गृहमंत्री ने कार्रवाई करते हुए कंपनी के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने का निर्देश दिया है।

मृतक के पिता रणजीत वर्मा का कहना है कि आदित्‍य अगर दुकान से जहर खरीदता तो शायद उसे इतनी आसानी से नही मिल पाता और उसकी जान बच सकती थी। लेकिन इस कंपनी ने जहर की होम डिलीवरी कर दी और आदित्‍य ने ये जहर खा आत्‍महत्‍या कर ली। गृहमंत्री नरोत्‍तम मिश्रा का कहना है कि इस तरह से जहर की सप्‍लायी एक गंभीर मामला है। इस मामले में कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाये साथ ही कंपनी के अफसरों को नोटिस जारी कर बुलाया जाये। अगर वह बयान देने में आनाकानी करते हैं तो उन्‍हें पुलिस अपने तरीके से तलब करें।

गृहमंत्री ने कहा बहुत सी ई-कॉमर्स वेब साइट ऑनलाइन हथियार, जहर व गांजा सप्लायी करने का काम कर रही है, सरकार अब इनसे निपटने के लिए नीति तैयार कर रही है। एएसपी राजेश व्‍यास ने बताया कि इस मामले में कंपनी के मुख्‍यालय जो कि बेंगलुरू में है नोटिस जारी कर दिया गया है। कंपनी के पास जहरीले पदार्थ सप्‍लायी करने की पात्रता है या नहीं इसकी जानकारी मांगी गई है। सामान खरीदने और बेचने के लिए कंपनी अधिकृत है लेकिन ये अनुमति उन्‍हें किन शर्तो पर दी गई है इसकी जानकारी भी मांगी गई है। इस मामले में कृषि विभाग को पत्र लिख जानकारी मांगी गई है कि क्‍या इन कंपनियों को जहरीले पदार्थ सप्‍लायी करने की अनुमति है।