मध्य प्रदेश के इस थाने में होती है 9 सिर वाले रावण की पूजा, पुलिस करती है दिन-रात रखवाली
मध्य प्रदेश के सतना जिले में विजयादशमी पर रावण दहन के बजाय उसकी 9 सिर वाली 300 साल पुरानी मूर्ति की पूजा की जाती है।

सतना में होती है 9 सिर वाले रावण की पूजा

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, भोपाल। विजयादशमी पर देश के ज्यादातर हिस्सों में रावण का दहन होगा। लेकिन मध्य प्रदेश के एक कोने में रावण का दहन नहीं होता, बल्कि इसकी मूर्ति की पूजा होती है। 25 फीट ऊंची और 22 फीट चौड़ी, नौ सिरों वाली यह मूर्ति मध्य प्रदेश के सतना जिले के कोठी पुलिस स्टेशन के अंदर सुरक्षित रखी गई है।
300 साल पुरानी रावण की इस मूर्ति की कई सालों से होती आ रही है। मूर्ति की पूजा एक पुजारी परिवार पीढ़ियों से करता आ रहा है।
पिछले लगभग दो दशकों से यह मूर्ति पुलिस स्टेशन के अंदर सुरक्षित है। यहां लोग रावण को जलाने के लिए नहीं, बल्कि उसका आशीर्वाद पाने के लिए आते हैं।
9 सिरों वाला रावण
आम तौर पर रावण के 10 सिर माने जाते हैं, लेकिन इस मूर्ति में एक सिर कम है, यानी इस रावण की मूर्ति में 9 सिर हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि रावण ने अपना एक सिर भगवान शिव को अर्पित कर दिया था, यही वजह है कि उसका यह अनोखा रूप बना, जिसकी पूजा भक्त करते हैं।
पुजारी रमेश मिश्रा ने बताया कि, यह मूर्ति लगभग 300 साल पहले स्थानीय शासकों ने बनवाई थी। मेरे पूर्वज कोठी के शासकों के दरबार में राजपुरोहित थे। और तब से ही वे इस मूर्ति की पूजा करते आ रहे हैं। मुझे अपने पूर्वजों की कम से कम चार पीढ़ियाँ याद हैं, जिन्होंने यहां पूजा-पाठ किया है। मेरे पिता, दादा और परदादा ने दशहरा के दिन इसकी पूजा की थी, और अब मैं इस परंपरा को आगे बढ़ा रहा हूं।
