इंदौर, जेएनएन। इंदौरी नमकीन के बाद अब मिठाई के मामले में भी इस शहर का नाम प्रसिद्ध होता जा रहा है । इस शहर में 100 से भी ज्‍यादा मिठाई विक्रेता हैं। इनमें से 15 ऐसे नामी मिठाई विक्रेता हैं जिनकी मिठाई की सप्‍लायी अन्‍य शहरों में भी है। इसे लेकर व्‍यापारियों का कहना है कि कोरोना संक्रमण के मामले अभी कम है इसकी वजह से लोग त्‍योहारों को लेकर उत्‍साहित दिख रहे हैं। राखी और अब करवा चौथ दोनों पर ही मिठाई की मांग काफी ज्‍यादा रही।

इंदौर नमकीन-मिठाई एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास जैन ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण व्‍यापार में काफी मंदी थी लेकिन इस बार पहले की तरह ही रौनक होने से मिठाईयों की मांग काफी ज्‍यादा हो रही है। पिछले दो साल में जो नुकसान विक्रेताओं ने झेला है उसके बाद लग रहा है कि त्‍योहार पर इसकी पूर्ति हो जाएगी।

मिठाईयों की नियमित तौर पर होती है गुणवत्‍ता जांच

इंदौर में मिठाईयों और नमकीन तैयार करने के लिए 100 से अधिक कारखाने हैं। जिनका सालाना कारोबार लगभग 800 करोड़ का है। बीते दिनों मिलावट के मामले सामने आने के बाद व्‍यापारियों ने फैसला किया है कि वह इंदौर को हाइजिन फूड सिटी बनाएंगे और मिलावट के जहर को फैलने से रोकेंगे। दौर नमकीन और मिठाई एसोसिएशन के सचिव अनुराग बोथरा बताया कि इंदौर शहर की गिनती केवल देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में खाने के मामले में की जाती है। व्यंजनों की गुणवत्ता को बरकरार रखना हम सभी की जिम्‍मेदारी है। इसके लिए हमने नियम तय किए हुए हैं। एसोसिएशन से जुड़ने वाले विक्रेताओं के यहां पहले सामग्री की शुद्धता की जांच होती है। इसके लिए हमने कुछ एजेंसियों की सर्विस ले रखी है। ये एजेंसियां नमकीन और मिठाईयों की हर पैमाने पर जांच करती हैं।

दुबई और अमेरिका से मिल रहे हैं आर्डर  त्‍योहा

इंदौर की मिठाइयां विदेशों तक भेजी जा रही हैं। त्‍योहारी सीजन में विदेश से भी बड़ा आर्डर मिल रहा है। दुबई में भी इन मिठाइयों की बड़ी मांग है गिफ्ट पैकिंग कर मिठाइयां भेजी जा रही हैं। अमेरिका और दुबई के अलावा अन्‍य देशों से भी आर्डर मिल रहे हैं। इन मिठाई विक्रेताओं के पास 350 रुपये किलो से लेकर 2500 रुपये किलो तक की मिठाइयां उपलब्‍ध है। मिठाई विक्रेता का कहना है कि यहां की मिठाइयों की क्‍वालिटी काफी अच्‍छी है और इसकी नियमित रूप से जांच भी होती रहती है। इन मिठाइयों में किसी भी प्रकार के कैमिकल का प्रयोग नहीं किया जाता है।

Edited By: Babita Kashyap