इंदौर, जेएनएन। करवाचौथ पर पत्नी जहां अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती है, वहीं पति भी पत्नी की सलामती की दुआ करता है और खास उपहार भी देता है। भारतीय महिलाओं को इस व्रत का बेसब्री से इंतजार रहता है। इधर, कोरोना महामारी ने पत्नी को दिए जाने वाले तोहफे में आभूषणों के साथ प्रापर्टी, स्वास्थ बीमा, म्युचुअल फंड, गोल्ड बांड को भी शामिल कर दिया है। सोने की चमक से खुश हो जाने वाली मानसिकता अब निवेश की चांदी ओढ़ने लगी है। निवेश की यह सोच गृहस्वामिनी को आत्मनिर्भर भी बना रही है। करवा चौथ पर इस बार मध्य प्रदेश के इंदौर में कई लोगों ने उपहार के रूप में अपनी पत्नी को निवेश का तोहफा दिया है।

फ्लैट के साथ आभूषण का उपहार

करवाचौथ पर इस बार एडवोकेट तनुज ने अपनी पत्नी डा चेतना को फ्लैट के साथ आभूषण का भी तोहफा दिया है। तनुज के मुताबिक, कोरोना महामारी में जब उनका पूरा परिवार चपेट में आया तो अहसास हुआ कि उपहार ऐसा हो जो मददगार भी साबित हो। उनकी पत्नी का यह पहला करवाचौथ है। इसलिए इस बार फ्लैट खरीदा है, ताकि भविष्य के लिए कुछ पूजा सहेजी जा सके। साथ ही, पत्नी भी सक्षम महसूस करे और दोगुने आत्मविश्वास से भविष्य के लिए कार्य करे।  

पत्नी को उपहार में गोल्ड बांड

व्यवसायी नितिन मंगल ने अपनी पत्नी प्रिया को उपहार में सोना भेंट किया है। उन्होंने यह सोना निवेश के रूप में दिया है। उन्होंने पत्नी को गोल्ड बांड तोहफे के रूप में दिए। उनकी पत्नी खुद ही निवेश में रुचि लेती है, इसलिए उन्हें उसी के अनुरूप तोहफा दिया है। उन्होंने बताया कि बीते दो साल में महामारी के बीच कठिन समय ने हमें समझा दिया कि सही निवेश कितना जरूरी है। गोल्ड बांड इसलिए चुना, क्योंकि ना हो यह चोरी होगा और ना ही इसकी गुणवत्ता में कमी आएगी। भविष्य में पत्नी इसका उपयोग अपने लिए कर सकती है। करवाचौथ पर पति इतना तो कर ही सकता है।

जीवनसंगिनी की सेहत के लिए स्वास्थ बीमा का उपहार

व्यवसायी प्रकाश नारायण डयोडिया ने इस बार करवाचौथ के उपलक्ष्य में अपनी पत्नी सीता को दस लाख रुपये पत्नी की सेहत के लिए स्वास्थ बीमा पालिसी का उपहार दिया है। उनके मुताबिक, महामारी के दौर और बढ़ती उम्र ने यह बात समझा दी है कि सही निवेश सेहत और सामंजस्य कितना आवश्यक है। यदि सेहत और एक-दूजे का साथ बना रहे, तभी गहने और अन्य सुख-सुविधाएं काम आती हैं, अन्यथा वे सब व्यर्थ हो जाती हैं। जब पत्नी पति के लिए व्रत रख सकती है तो पति को भी पत्नी की सलामती के लिए कुछ कोशिश करनी चाहिए।

पत्नी के नाम प्रापर्टी की बुकिंग

कोरोना महामारी के पहले तक करवाचौथ पर पत्नी के नाम से प्लाट और फ्लेट में निवेश को लेकर सिर्फ पांच या सात फीसद तक ही रुझान था, लेकिन इस बार यह आंकड़ा तीस फीसद को पार कर गया है। पिछले पांच साल में शहर में डेढ़ सौ से अधिक फ्लेटों की बुकिंग हुई है। कुल बुकिंग करीब 35 फीसद से अधिक बुकिंग लोगों ने अपनी पत्नी के नाम कराई है। करवाचौथ पर लोगों ने 20 से 60 लाख रुपये तक की प्रापर्टी अपनी पत्नी तो तोहफे में दी है।

Edited By: Sachin Kumar Mishra