इंदौर, जेएनएन । मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में बड़ी संख्या में लोगों ने घरों में कैमरे लगवा रखे हैं। यदि सभी के कैमरे कैम काप से जुड़ेंगे तो पुलिस के पास एक बढ़ा डेटा तैयार हो जाएगा। इसको लेकर कई व्यापारिक संगठन और रहवासियों से भी चर्चा की है। कैम काप से सभी कैमरे जुड़ने के बाद पुलिस कंट्रोल रूम पुलिस कंट्रोल रूम में भी गतिविधि दिखाई देगी। यदि कोई अपराध होता है तो पुलिस तुरंत अपराधी को ट्रेस कर सकेगी।

मालूम हो कि पुलिस यह जान जाएगी कि वह कहां से आया और कहां गया, पूरी जानकारी पुलिस को पता करने में आसानी होगी। आपके घर में यदि कैमरा है तो पुलिस के माध्यम से जारी किए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर सीधे पुलिस के साथ जुड़ सकते हैं। क्यूआर कोड स्कैन करने पर एक फार्म खुलेगा। फार्म भरने के बाद कैमरे का डाटा पुलिस के पास पहुंच जाएगा। इसके माध्यम से पुलिस शहर की मुख्य सड़कों, गलियों व बाजारों में लगे कैमरों से जुड़ चुकी है।

पुलिस के पास कई क्षेत्रों का डाटा भी उपलब्ध हो चुका है। इसका फायदा यह है कि यदि किसी क्षेत्र में घटना होती है तो पुलिस को तुरंत पता चल सकेगा कि क्षेत्र में कितने कैमरे हैं, घटना के बाद उन कैमरों के माध्यम से बदमाशों की जानकारी मिल सकेगी।

इंदौर के एएसपी ने बताया कि शहर में दो सड़कें महू नाका से अन्नपूर्णा (2.8 किमी) और महू नाका से फूटी कोठी रोड (2.1 किमी) राज्य की पहली ईगल आई रोड तैयार हो गई है। इन दोनों सड़कों पर सिंगापुर की तरह 24 घंटे 150 से ज्यादा कैमरे नजर रखेंगे। इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है, अंतिम जांच के बाद इसे शुरू कर दिया जाएगा। सड़क के दोनों ओर हर 100 मीटर पर कैमरे लगेंगे। सड़कों के 16 मोड़ और पांच चौराहों पर नंबर प्लेट कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरे में तीन महीने पुराना डेटा भी रिकवर करेंगे।

एएसपी के मुताबिक नई तकनीक के माध्यम से अब तक 503 व्यक्तियों के घर-दुकान के 2640 कैमरे कंट्रोल रूम से जोड़े जा चुके हैं। यदि लोग पुलिस को सहयोग करेंगे और योजना से जुड़ते हैं तो शहर में होने वाले अपराधों को कम किया जा सकता है।

आंकड़ों में...

- 503 लोग जुड़े कैम काप से अब तक

- 2640 कैमरों के माध्यम से कंट्रोल रूम रख रहा नजर

- 150 से ज्यादा कैमरे ईगल आई में जुड़ेंगे

- 100 मीटर पर लगेंगे कैमरे

- 16 मोड और पांच चौराहों पर लगाए नंबर प्लेट कैमरे

Edited By: Priti Jha