भोपाल , जेएनएन। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पहली से बारहवीं तक के निजी व सरकारी स्कूलों में दर्ज विशेष आवश्यकता वाले बच्चों ( सीडब्ल्यूएसएन ) का प्रोफाइल अब तक अपडेट नहीं की गई है। निजी व सरकारी स्कूलों में एक करोड़ 36 लाख दर्ज बच्चों में एक लाख 34 हजार सीडब्ल्यूएसएन बच्चे हैं। इनमें 48 हजार 477 बच्चों की प्रोफाइल अपडेट नहीं की गई है।

राज्य शिक्षा केंद्र ने इस संबंध में जिला मिशन संचालकों को आदेश जारी कर जल्द से जल्द प्रोफाइल अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। इनमें खंडवा, बड़वानी , खरगोन, शिवपुरी व अनूपपुर जिले में 15 फीसद से कम प्रोफाइल अपडेट हुआ है। जिले वार आंकड़े शामिल करेंगे।

मालूम हो कि कुछ दिन पहले मध्यप्रदेश में दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिक्षकों की भर्ती हेतु मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्कूल शिक्षा विभाग को लिखा था। दरअसल, मध्यप्रदेश में विशेष शिक्षकों की भर्ती के लिए कोई प्रावधान ही नहीं है और दिव्यांग बच्चों को भी सामान्य स्कूलों में पढ़ाया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिक्षकों की भर्ती हेतु लगातार मांग की जा रही थी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ज्ञापन भेजा गया था कि पड़ोसी राज्य राजस्थान और अन्य राज्यों तथा केंद्र शासित दिल्ली में स्कूल शिक्षा विभाग में विशेष शिक्षक नियुक्त किए गए हैं और वह दिव्यांगों को शिक्षित कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में सामान्य शिक्षकों के द्वारा ही सीडब्ल्यूएसएन बच्चों को शिक्षित करवाया जा रहा है जबकि इन बच्चों को विशेष शिक्षा में प्रशिक्षित विशेष शिक्षकों द्वारा पढ़वाया जाना चाहिए।

राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के निर्देशानुसार संविदा नीति नियम शर्तों का हवाला देकर वर्तमान में कार्यरत एमआरसी को सरकार विशेष शिक्षक पदनाम देने से भी मना कर चुकी है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने विशेष शिक्षकों की भर्ती के लिए ज्ञापन को स्कूल शिक्षा विभाग को नियमानुसार कार्रवाई के लिए भेज दिया है।

वर्तमान में मध्य प्रदेश एजुकेशन पोर्टल पर चिन्हित 1,68,848 CWSN स्कूल बच्चों के कल्याण हेतु यह कार्यरत हैं। जबकि दिव्यांग बच्चों के कानून के अनुसार 8 बच्चों पर एक विशेष शिक्षक होना चाहिए। वर्तमान में मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग में सामान्य विद्यालय में दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने के लिए कोई भी विशेष शिक्षक ना होने से इनका कितना कल्याण और कितनी शिक्षा इनको मिल रही है यह अंदाजा आप लगा सकते हैं।

वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश में ब्लॉक स्तर पर केवल मात्र 386 में MRC (मोबाइल स्रोत सलाहकार) कार्यरत हैं तथा जिला स्तर पर 51 एपीसी आईडी भी संविदा पर कार्यरत है। इन्हें मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पेशल एजुकेटर (विशेष शिक्षक) नहीं माना है फिर भी मध्य प्रदेश एजुकेशन पोर्टल पर सीडब्ल्यूएसएन (CWSN) टीम का ऑफिसर बताया है, जो कि मध्यप्रदेश एजुकेशन पोर्टल पर दर्ज और लिखा हुआ है।

मध्य प्रदेश के कालेजों में दाखिले के लिए विद्यार्थियों को एक और मौका

कालेज में दाखिले से वंचित रह गए छात्रों के लिए अच्‍छी खबर है। प्रदेश के 1301 कालेजों में अब 30 अक्टूबर तक प्रवेश होंगे। विद्यार्थी कालेज में बची हुई सीटों के लिए 21 से 30 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं। उच्च शिक्षा मंत्री डा. मोहन यादव ने शनिवार को एक वीडियो जारी कर कहा है कि जिन विद्यार्थियों को किसी विश्वविद्यालय या कालेज में प्रवेश नहीं मिला है, वे दोबारा आवेदन कर प्रवेश पा सकते हैं। विभाग आपका पंजीकरण करेगा। मंत्री ने कहा कि कालेज में प्रवेश की तारीख बढ़ाने के लिए कई संगठनों ने ज्ञापन दिए थे। इस कारण फिर से दस दिन के लिए प्रवेश की तारीख बढ़ाई गई।

Edited By: Priti Jha