भोपाल, जेएनएन। हनीट्रैप कांड की जांच करने वाले इंदौर के पलासिया थाना प्रभारी अजीत सिंह बैस को शनिवार सुबह लाइन हाजिर कर दिया गया। वह आरोपित महिलाओं के परिजन के संपर्क में थे और आरोपित महिलाओं को पिज्जा, बर्गर, पेस्ट्री व मिनरल वाटर मुहैया करवा रहे थे। हालांकि, अधिकारियों का दावा कि उन्हें रेत व्यवसायी पर झूठा केस बनाने के मामले में हटाया गया है।

बाहर से पहुंचाया पिज्जा बर्गर

सूत्रों के अनुसार, महिला थाने में बंद आरोपित श्वेता जैन और अन्य को थाना प्रभारी ने बाहर से खाना पहुंचाया था। इसकी भनक लगने पर उन्हें हटाकर लाइन में पदस्थ टीआइ शशिकांत चौरसिया को प्रभार दे दिया गया। एसएसपी रुचि वर्धन मिश्र के अनुसार, पुलिस ने कुछ दिनों पहले रेत व्यवसायी सनी व्यास से चरस मिलना बताकर पकड़ा था। बाद में सनी से रुपये लेकर उसके स्थान पर उसके दोस्त की गिरफ्तारी की। 

सब इंस्टपेक्टर हुए निलंबित

मामले में सब इंस्पेक्टर आशीष शर्मा, प्रमोद तोमर व एक अन्य को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। शनिवार को रिपोर्ट मिलने पर थाना प्रभारी को भी हटा दिया। वहीं, शनिवार दोपहर एसएसपी को भी पुलिस मुख्यालय ने भोपाल तलब किया। बताया जाता है कि हनीट्रैप गिरोह से मिली जानकारियां, संबंधित नेताओं और अधिकारियों की भूमिका के बारे में रिपोर्ट मांगी गई है। मामले में एटीएस पहले ही रिपोर्ट भेज चुकी है।

भाजपा सरकार में किशोर न्याय बोर्ड एवं बाल कल्याण समिति में रह चुकी है श्वेता

हनीट्रैप मामले की आरोपित श्वेता जैन भाजपा सरकार के दौरान कई संगठनों में पदाधिकारी रह चुकी है। सागर जिले के किशोर न्यायालय बोर्ड और बाल कल्याण समिति में वह बतौर सदस्य नियुक्त हुई थी। श्वेता को बाल अधिकार संरक्षण के लिए वर्ष 2009 से 2013 तक और इसके बाद किशोर न्यायालय बोर्ड में नियुक्ति देकर भी उपकृत किया गया था। इस दौरान उसके एनजीओ को भी काफी मदद दी गई थी। श्वेता का अश्लील वीडियो जब आया था, तब वह किशोर न्यायालय बोर्ड में थी। तब चर्चा थी कि ड्राइवर के साथ उसका वीडियो वायरल हुआ था। श्वेता ने विजय जैन से प्रेम विवाह किया था। वह शुरू से ही महत्वाकांक्षी और बिंदास स्वभाव की रही। विजय के कई भाजपा नेताओं से अच्छे ताल्लुकात थे जिनका फायदा श्वेता को भी मिला। यही कारण रहा कि श्वेता जिला संगठन के अलावा युवा मोर्चा की 2009 से 2013 तक प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भी रही। इसी आधार पर उसने 2013 के विधानसभा चुनाव के दौरान सागर से विधानसभा टिकट की दावेदारी भी की थी। स्थानीय स्तर पर संगठन ने भी उसका नाम आगे बढ़ा दिया था।

श्वेता और बरखा के एनजीओ की जांच में जुटी एजेंसियां

हनीट्रैप कांड की आरोपित महिलाएं जिन एनजीओ के माध्यम से अधिकारियों और रसूखदार नेताओं से नजदीकियां बढ़ाती थीं, उनकी जांच भी एजेंसियों ने शुरू कर दी है। इंदौर में शनिवार को एसएसपी रुचि वर्धन मिश्र ने दोनों आरती और मोनिका से महिला थाना में पूछताछ की। उन्होंने घटनाक्रम का नाट्य रूपांतरण भी करवाया।

सवाल पूछने पर झल्लाई आरती बोली

आरती अधिकारियों को पूछताछ में सहयोग नहीं कर रही है। हर सवाल के जवाब टाल जाती है। उन्हीं सवालों के जवाब देती है, जिनके बारे में पुलिस वालों को पता है या उनके सामने सुबूत रख दिए जाते हैं। शुक्रवार रात को आरती ने झल्लाते हुए एक अधिकारी से कहा कि मुझे ज्यादा परेशान मत करो। मैंने एक फोन लगा दिया तो सबको समझ में आ जाएगा मैं कौन हूं। तुम चुप हो जाओगे।


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Posted By: Pooja Singh

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