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भोपाल, जेएनएन। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सप्ताहभर चलने वाले हाथी महोत्सव सोमवार को शुरू हुआ। पहले दिन हाथियों को स्नान कराया गया। बाद में चंदन से सजाकर नीम का तेल लगाकर उनकी मालिश की गई। इसके बाद मौसमी फल, गन्ना, गुड़, रोटी का भोजन कराया गया। इस अवसर पर हाथी के दो मासूम बच्चों के साथ 18 नर और मादा हाथी मौजूद थे। 

सबसे बुजुर्ग हाथी भी हुआ शामिल 

महोत्सव में सबसे बुजुर्ग हाथी गौतम भी मौजूद था, जो वर्ष 1977 से बांधवगढ़ में अपने दूसरे साथी हाथियों को ट्रेनिंग दे रहा है। बताया जाता है कि पार्क स्थित हाथियों के कुटुंब में अधिकांश बच्चे इसी के हैं। इसके अलावा 45 वर्षीय सबसे बुजुर्ग मादा हाथी अनारकली भी महोत्सव का हिस्सा है। महावत जननु बैगा ने बताया कि फिलहाल अनारकली वन्य प्राणियों की देख-रेख के साथ अपने मासूम नौ माह के मादा हाथी लक्ष्मण के पालन पोषण में लगी रहती है। 

हाथियों की जी रही है देखभाल

हाथियों की लगातार देख रेख में लगे महावत मंटू बैगा, झल्लू सिंह, जननु बैगा, रामचरण बैगा, नीलम, ददुवा, दुर्गा बाई प्रजापति, पार्वती, नारायण सोनी ने बताया कि सभी हाथियों की नियमित देख-रेख की जाती है। साथ ही पर्यटक और वन्य प्राणियों से कैसे पेश आना है, इसका प्रशिक्षण दिया जाता है। वन्य प्राणियों के रेस्क्यू के दौरान भी हाथियों की महती भूमिका होती है। प्रमुख महावत ईए कुट्टपन ने बताया कि हाथी हमारे परिवार का अंग हैं, इसलिए इनकी देखरेख में किसी तरह की कमी नहीं आने देते।

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Posted By: Pooja Singh

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