भोपाल, राज्य ब्यूरो। मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार के स्थायित्व पर भाजपा द्वारा आए दिन खड़े किए जा रहे सवाल का जवाब देने के लिए रविवार को कांग्रेस समेत सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय और सपा बसपा विधायकों ने अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।

मुख्यमंत्री निवास पर हुई विधायकों की बैठक में 121 में से 119 विधायकों ने एकजुटता दिखाकर कमलनाथ के नेतृत्व में पांच साल सरकार को समर्थन देने का प्रस्ताव पारित किया। मुख्यमंत्री ने विधायकों को झूठ फैलाने वाले तंत्र से सतर्क रहने की हिदायत भी दी।

मुख्यमंत्री निवास में शाम करीब तीन घंटे विधायक दल की बैठक चली। इसके बाद कई विधायकों से मुख्यमंत्री ने वन-टू-वन चर्चा भी की। बैठक में करीब 30 विधायकों ने अपने विचार रखे। सूत्रों के मुताबिक बैठक में लोक सभा चुनाव परिणामों पर चर्चा के दौरान वरिष्ठ नेताओं ने विधायकों से कहा कि वे यह पता लगाएं कि क्या वाकई में भाजपा के पक्ष में कोई अंडर करंट था?

इधर, भाजपा नेताओं के सरकार गिराने के बयानों पर वरिष्ठ नेताओं और विधायकों ने कहा कि वे लगातार प्रयास कर रहे हैं। उनके प्रयासों को हम कामयाब नहीं होने देंगे। 'हमें संदेश देना है कि हम सब एक हैं और पांच साल साथ रहेंगे।'

हार-जीत तो लगी रहती है

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधायकों से कहा कि अपने क्षेत्र के विकास की ओर ध्यान दें और योजनाएं बनाकर सरकार को सौंपें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनादेश का सम्मान करें। हार-जीत तो लगी रहती है। राजनीति में कोई स्थाई विजेता नहीं होता है और न ही असफलता स्थाई होती है।

आदिवासी विधायकों ने की सरकार में जगह नहीं मिलने की शिकायत

सूत्रों के मुताबिक डॉ. अशोक मर्सकोले और कुछ अन्य आदिवासी विधायकों ने बताया कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस जिन डेढ़ दर्जन विधानसभा सीटों पर जीती है, उनमें 13 आदिवासियों के क्षेत्र की हैं। कांग्रेस सरकार बनाने में भी 114 में से 31 विधायक आदिवासी क्षेत्र के हैं। इन आंकड़ों को बताते हुए उन्होंने सरकार में इस अनुपात में जगह नहीं मिलने की शिकायत रखी।

दो विधायकों को छोड़कर पूरा सत्ता पक्ष पहुंचा

बैठक में विधायकों के अलावा कांग्रेस महासचिव और प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, राज्यसभा सदस्य राजमणि पटेल, नवनिर्वाचित लोकसभा सदस्य नकुलनाथ शामिल हुए। मंत्री पीसी शर्मा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने और विधायक विशाल पटेल विदेश प्रवास पर होने की वजह से बैठक में शामिल नहीं हुए।

कांग्रेस विधायकों के अलावा बैठक में सरकार को समर्थन दे रहे तीनों निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा, केदार चिड़ाभाई डाबर, विक्रम सिंह राणा, बसपा विधायक संजीव सिंह कुशवाह और रामबाई और सपा विधायक राजेश शुक्ला भी पहुंचे। 

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Posted By: Bhupendra Singh