वाराणसी, जागरण संवाददाता। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को विरोधियों को अपना स्टारडम दिखाया। मोदी चाहे खुले वाहन में हों या बंद बुलेटप्रूफ गाड़ी में, उनके समर्थकों की लाइन लंबी है। नामांकन के दिन पहली सुपरहिट फिल्म देने वाले मोदी ने चौदह दिन बाद फिर सुपरहिट फिल्म दिखा दी। गाड़ियों के इंजन बोल उठे, पहिए जाम हो गए। लंका से मदनपुरा होते हुए गोदौलिया और वहां से रथयात्रा तक पैर रखने की जगह नहीं। ढोल-नगाड़ों की थाप भी 'मोदी-मोदी' की गूंज के आगे धीमी पड़ गई। तीखी धूप से लेकर रात की गर्मी में सड़क के दोनों तरफ समर्थकों का हुजूम। सड़क पर समर्थकों की भीड़ इतनी कि मोदी के काफिले को पांच किलोमीटर का रास्ता तय करने में पांच घंटे लगे। समर्थकों का रेला देखकर सुरक्षाकर्मियों के भी पसीने छूट गए। समर्थक इतने बेकाबू कि गाड़ी के आगे कूदने को बेताब।

नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपनी संकरी गलियों के लिए पहचाने जाने वाले वाराणसी में खुद गाड़ी चलाई। मोदी ने स्थानीय प्रशासन और चुनाव अधिकारियों के साथ गतिरोध के बाद अपनी गाड़ी खुद चलाई।

रोहनिया में सभा करने के बाद मोदी का हेलीकाप्टर शाम पांच बजकर दस मिनट पर बीएचयू हेलीपैड पर उतरा। मोदी काफिले के साथ एलडी गेस्ट हाउस पहुंचे। चाय पी, कपड़े बदले और दस मिनट आराम कर निकल पड़े लंका की ओर। मेडिकल चौराहे पर उत्साही छात्र-छात्राएं मोदी के स्वागत और एक झलक पाने को काफिले के आगे कूद पड़े। मोदी का काफिला वहां से जो रेंगना शुरू हुआ, चुनाव कार्यालय तक वहीं स्थिति रही।

लंका चौराहे पर पहुंचने के बाद सुरक्षा कारणों से बुलेटप्रूफ गाड़ी में बैठे-बैठे ही नरेंद्र मोदी ने महामना की प्रतिमा को नमन किया। जनसैलाब के साथ मोदी रवींद्रपुरी होते हुए शिवाला पहुंचे। सोनारपुरा से होते हुए काफिला मदनपुरा, गोदौलिया, गिरजाघर, लक्सा, गुरुबाग, रथयात्रा होते हुए भाजपा के केंद्रीय चुनाव कार्यालय पहुंचा। चुनाव कार्यालय में सत्रह मिनट देने के बाद मोदी सुरक्षा घेरे में बाबतपुर एयरपोर्ट को रवाना हो गए।

नहीं चाहिए बेनियाबाग अबकी..

जिला प्रशासन द्वारा बेनियाबाग रैली के लिए अनुमति न देना भाजपा के लिए संजीवनी का काम कर गया। लंका से लेकर चुनाव कार्यालय तक मोदी समर्थक 'नहीं चाहिए बेनियाबाग अबकी बार मोदी सरकार..' के नारे लगाते रहे।

मुस्लिम बंधुओं ने किया स्वागत

मोदी का काफिला जब सोनारपुरा से आगे अल्पसंख्यक बहुल मदनपुरा की ओर बढ़ा तो सुरक्षाकर्मी अचानक तनाव में आ गए। मोदी के काफिले में चल रही हर गाड़ी को घेर लिया गया। यह मोदी का ही क्रेज था कि मुस्लिम बंधु भी उनके इस्तकबाल के लिए सड़क पर आ गए थे। बच्चे घरों की छतों से कैमरे के फ्लैश चमका रहे थे। इस दौरान कई मुस्लिम बंधुओं से मोदी ने गाड़ी में बैठे-बैठे हाथ भी मिलाया।

पढ़े: ममता ने मोदी को मूर्ख, गधा बताया

कांग्रेस ने अब मोदी की जाति पर उठाए सवाल

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस