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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Poorvanchal Expressway नहीं झेल पाया 12 घंटे की बारिश, 15 फीट धंसी सड़क में फंस गई कार; देखें वीडियो

By Jagran NewsEdited By: Vrinda Srivastava
Published: Fri, 07 Oct 2022 08:17 AM (IST)Updated: Fri, 07 Oct 2022 02:58 PM (IST)

भारी बारिश से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की सड़क धंस गई है। करीब 15 फीट गहरा गड्ढा बन गया है। इससे कई ...और पढ़ें

साल भर के अंदर ही धंस गईं Purvanchal Expressway की सड़कें।
साल भर के अंदर ही धंस गईं Purvanchal Expressway की सड़कें।

सुलतानपुर, जागरण संवाददाता। भारी बारिश के बीच पूर्वांचल एक्सप्रेसवे एक स्थान पर धंस गया है। सड़क धंस जाने से हलियापुर क्षेत्र में करीब 15 फीट का गढ्ढा बन गया। गढ्ढे में लखनऊ की ओर जा रही कार घुस गई। पीछे आ रही कई गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। कार सवार लोगों को मामूली चोटें आईं। पुलिस और यूपीडा ने राहत कार्य शुरू कर दिया है।

इस बीच एक्सप्रेसवे पर आ रहे वाहनों का मार्ग परिवर्तित कर दिया गया है। करीब 12 घंटे बाद पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हलियापुर के पास आवागमन बहाल हुआ। अब छोटी गाड़ियों को पास कराया जा रहा। बड़े वाहनों पर अभी भी रोक लगी है। मिट्टी डालकर मशीन व रोलर से गड्ढे को भरा गया है। हालांकि बरसात के कारण डामर नहीं डाला गया।

बीते साल नवंबर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लखनऊ से बलिया तक बने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। एक वर्ष के भीतर हुए गढ्ढे ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हलियापुर थाने के 83वें किलोमीटर पर सड़क धंसी है।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे नौ जिलों लखनऊ , बाराबंकी , अमेठी , सुलतानपुर , अयोध्या , अंबेडकर नगर, आजमगढ़ , मऊ और गाजीपुर से होकर गुजरता है। यह चंद सराय गांव, लखनऊ जिले से शुरू होता है और हैदरिया गांव, एनएच-31, गाजीपुर जिले में समाप्त होता है। 341 किमी लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को बनाने में 22,497 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस पर टोल टैक्स भी वसूला जा रहा है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था उद्घाटन : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ को गाजीपुर से जोड़ने वाले 341 किलोमीटर लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का सुलतानपुर जिले के करवल खीरी में 16 नवंबर को उद्घाटन किया था। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और अन्य नेता उपस्थित थे। 

तीन साल पहले रखी गई थी नींव : इसकी नींव 14 जुलाई, 2018 को आजमगढ़ में रखी गई थी। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे परियोजना को सुदूर पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था, जो बुनियादी और औद्योगीकरण ढांचे में पिछड़ गया है। एक्सप्रेस-वे भाजपा को उस क्षेत्र में अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर एक फायदा देने के लिए बाध्य है जिसमें प्रधानमंत्री का ससंदीय क्षेत्र वाराणसी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निर्वाचन क्षेत्र गोरखपुर शामिल है।