यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Woman Burnt Alive: सीतापुर में पत्नी पर पेट्रोल डालकर किया आग के हवाले-मौत, 13 साल तक झेलती रही टॉर्चर
Woman Burnt Alive सीतापुर में 13 साल के निकाह के बाद महिला को मिली दर्दनाक मौत। मृतका के भाई का ...और पढ़ें

सीतापुर, जेएनएन। Woman Burnt Alive: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में एक महिला को ससुरालीजन ने लाठी-डंडों व धारदार हथियार से हमला कर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। महिला को गंभीर हालत में ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने पति को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि आठ के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। अन्य की तलाश की जा रही है।
13 साल पहले हुआ था निकाह, हर रोज मिलता थी मार
मामला हरगांव थाना क्षेत्र का है। दरअसल, लखीमपुर खीरी जिले के मूशेपुर खुर्द निवासी अजीम खां ने थाने में तहरीर दी कि बहन खलीकुन निशा का निकाह तेरह वर्ष पूर्व हरगांव के मिल बगिया बाजार निवासी नबी उल्ला खां उर्फ बबलू पुत्र समीउल्ला के साथ हुआ था। निकाह के बाद से ही पति समेत ससुरालीजन आए दिन बहन को मारते पीटते थे। बहन के एक पुत्र व एक पुत्री है, इनको भी पीटते थे। बहन को बच्चों समेत मायके जाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। सोमवार को बहन को लाठी, डंडों से पीटा और धारदार हथियार से पेट व गले पर प्रहार किया। इसके बाद पेट्रोल डालकर आग लगा दी। सूचना मिलने पर मायके लखीमपुर खीरी जिले के मूशेपुर खुर्द निवासी भाई अजीम खां हरगांव पहुंचे थे। सूचना के बाद पुलिस महिला को सीएचसी लाई। यहां जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। वहां से ट्रामा सेंटर लखनऊ भेजा गया। लखनऊ के सिविल अस्पताल में देर शाम खलीकुन निशा की मौत हो गई। मृतका के भाई अजीम ने बताया कि पति समेत ससुरालीजन उनकी बहन को आए दिन प्रताड़ित करते थे। दोनों बच्चों को भी मारा पीटा जाता था। इसी को लेकर सोमवार को उनकी बहन को पीटा गया फिर पेट्रोल डालकर जला दिया।
क्या कहना है पुलिस का ?
थानाध्यक्ष कुलदीप तिवारी ने बताया कि आरोपित पति पुलिस की गिरफ्त में है। इस मामले में आठ के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। अन्य की तलाश की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट प्राप्त होते ही धाराओं में परिवर्तन किया जाएगा।
घर से भाग जाने के लिए बनाते थे दवाब
खलीकुन निशा के भाई अजीम ने बताया कि बहन के दो बच्चे आसिफ व आयका हैं। इनको भी ससुरालीजन मारते-पीटते थे और घर से भाग जाने के लिए दवाब बनाते थे। दोनों बच्चों को ननिहाल लखीमपुर भेज दिया गया है।
