Terrorist activities in Moradabad division : कई बार तैयार किए जा चुके हैं स्लीपिंग मॉड्यूल , पश्चिमी यूपी में पैर जमा रहे आतंकी संगठन

Terrorist activities in Moradabad division पश्चिमी यूपी में जमीन की खरीद-फरोख्त में लगा है आतंकियों का पैसाफंडिंग करने वालों की तलाश में जुटी खुफिया एजेंसी

By Narendra KumarEdited By: Publish:Sun, 20 Sep 2020 03:35 PM (IST) Updated:Sun, 20 Sep 2020 03:35 PM (IST)
Terrorist activities in Moradabad division : कई बार तैयार किए जा चुके हैं स्लीपिंग मॉड्यूल , पश्चिमी यूपी में पैर जमा रहे आतंकी संगठन
Terrorist activities in Moradabad division : कई बार तैयार किए जा चुके हैं स्लीपिंग मॉड्यूल , पश्चिमी यूपी में पैर जमा रहे आतंकी संगठन

अमरोहा (आसिफ अली)। आतंकी संगठन दो दशक पहले पश्चिमी यूपी में अपनी जड़ें जमाने में कामयाब हो चुके हैं। विशेषकर मुरादाबाद मंडल उनके लिए सुरक्षित स्थान रहा है। यहां आसानी के साथ स्लीपिंग मॉड्यूल तैयार किए जा चुके हैं। पहले कई मामले पकड़ में आए थे। अब अलकायदा को लेकर भी मुरादाबाद मंडल का नाम सामने आ गया।

सूत्रों के मुताबिक आतंकी संगठनों ने सोशल मीडिया के सहारे यहां अपनी पैठ मजबूत की है। प्रापर्टी डीलिंग में भी पैसा लगाया गया है। जिसका डाटा खंगाला जा रहा है। यूं तो मुरादाबाद मंडल का नाम आतंकी संगठनों से वर्ष 2006-07 में जुड़ गया था। अमरोहा से संदिग्धों की गिरफ्तारी भी की गई थी। इसके साथ ही सम्भल व रामपुर से भी आलकायदा के संदिग्ध गिरफ्तार हो चुके हैं। परंतु दिसंबर 2018 में एनआइए ने अमरोहा में छापा मार कर हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम नामक आतंकी संगठन का भंडाफोड़ किया था। अमरोहा से पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया था। जिनमें से तीन को छोड़ दिया गया था। जबकि दो अभी जेल में हैं। इसके साथ ही पश्चिमी यूपी के मेरठ, हापुड़, बिजनौर, सहारनपुर, बुलंदशहर व रामपुर में भी छापामारी हुई थी। मुरादाबाद मंडल में स्लीपिंग मॉड्यूल की तलाश की गई थी। अब शनिवार को अलकायदा से संपर्क को लेकर मुरादाबाद मंडल फिर चर्चा में है। सूत्र बताते हैं कि पाकिस्तान में बैठे अलकायदा के संचालक सोशल मीडिया के माध्यम से युवकों को बरगला कर अपने साथ जोड़ने का काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से ही पश्चिमी यूपी के तार उनसे जुड़े हैं। कुछ कारोबारी भी इन युवकों के संपर्क में हैं। फंडिंग के लिए प्रापर्टी डीलिंग में पैसा खपाया जा रहा है। स्लीपिंग मॉड्यूल को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए पैसे को जमीनों की खरीद-फरोख्त में लगाया जा रहा है। यह तथ्य सामने आने के बाद खुफिया एजेंसी फिर से पश्चिमी युपी में सक्रिय हो गई हैं तथा फंडिंग करने वालों की तलाश में जुटी हैं।

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