यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अगर आप भी संस्कृत सिखने और बोलने में रखते हैं दिलचस्पी तो इस ग्रुप से जुड़कर जाने आसान तरीके Meerut News
संस्कृत सिखने के लिए एक ग्रुप बड़े ही तेजी से फैल रहा है। यह अबतक 19 राज्यों में जा चुका ...और पढ़ें

मेरठ, जेएनएन। लॉकडाउन के दौरान अध्ययन और अध्यापन का तरीका भी बदलने लगा है। इसमें कई प्लेटफॉर्म सामने आ रहे हैं। घर बैठे लोगों के लिए चौ. चरणसिंह विवि के संस्कृत विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नरेंद्र पांडे ने संस्कृत सीखने का एक अवसर दिया है। वाट्सएप ग्रुप बनाकर वे लोगों को संस्कृत सिखा रहे हैं। सीख रहे लोगों की संस्कृत से जुड़ी हर समस्या का समाधान भी उसी ग्रुप पर कर रहे हैं।
डॉ. नरेंद्र ने ‘घर बैठे संस्कृत सीखें’ नाम से वाट्सएप ग्रुप बनाया है। देखते ही देखते यह एक संस्कृत सिखाने का यह बड़ा ग्रुप बन गया है। इस ग्रुप से झारखंड, उड़ीसा, गुजरात, हरियाणा, असम, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश सहित 19 राज्यों के संस्कृत प्रेमी जुड़े हैं। कुछ सदस्य नेपाल और न्यूजर्सी जैसे देशों से भी इस ग्रुप में हैं। लॉकडाउन में घर बैठे लोग इस ग्रुप के माध्यम से संस्कृत में बोलना सीख रहे हैं। संस्कृत सीखने वाले इस ग्रुप में सॉफ्टवेयर इंजीनियर, रिटायर्ड पुलिसकर्मी, डॉक्टर, शिक्षक, गृहिणियां व आइआइटी के छात्र भी हैं। विश्वविद्यालय के शिक्षक और शहर के कई लोग भी इस ग्रुप से जुड़ते जा रहे हैं। संख्या की अधिकता और मांग को देखते हुए अब इसे टेलीफोन के माध्यम से भी शुरू किया जा रहा है। डॉ. नरेंद्र बताते हैं कि कक्षा का समय दोपहर एक बजे से दो बजे और शाम चार से छह बजे तक निर्धारित किया गया है। हर दिन वाट्सअप ग्रुप पर सभी को पाठ्य सामाग्री भेजी जाती है। फिर वाट्सएप से ही उनके सवालों का जवाब भी दिया जाता है।
डीएन डिग्री कॉलेज में जूम-इन से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू
डीएन डिग्री कॉलेज में छात्र-छात्रओं की ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की गई है। इसके लिए सभी विभागों के शिक्षक ग्रुप बनाकर छात्रों को लेक्चर और नोट्स उपलब्ध करा रहे हैं। कॉलेज ने एमए, एमकाम, एमएससी और बीएससी कंप्यूटर साइंस के छात्र-छात्रओं के लिए घर बैठे पढ़ाई के लिए यह व्यवस्था की है। इसमें अलग- अलग विषय के शिक्षकों ने ग्रुप बनाया है। शिक्षक घर बैठे जूम इन के माध्यम से वीडियो क्लास ले रहे हैं। इसके साथ ही कॉलेज में सभी छात्रों के ईमेल पर नोट्स भेजे जा रहे हैं। जिन छात्रों के पास मोबाइल में वीडियो की सुविधा नहीं है, उनके लिए टेली कांफ्रेसिंग की भी व्यवस्था की गई है। प्राचार्य डा. बीएस यादव ने बताया कि वे इस पूरी प्रक्रिया को खुद देख रहे हैं। सभी शिक्षकों का वाट्सएप ग्रुप बनाकर जोड़ा है। उनसे समय-समय पर ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर फीड बैक ली जाती है।
