प्रादेशिक फल, शाकभाजी व पुष्प प्रदर्शनी के लिए पंजीकरण का आज अंतिम दिन, जल्दी करें; इन बातों का खास रखें ख्याल

बागवानी व किचेन-गार्डेन के शौकीनों के लिए अच्छी खबर छह से आठ फरवरी तक राजभवन में लगेगी पुष्प एवं शाकभाजी प्रदर्शनी। राजकीय उद्यान के अधीक्षक डॉ.जेआर वर्मा ने जाड़े के मौसम में पौधों को सुरक्षित रखने के उपाय बताए जो दैनिक जागरण आपको बता रहा है।

By Divyansh RastogiEdited By: Publish:Thu, 28 Jan 2021 07:00 AM (IST) Updated:Thu, 28 Jan 2021 08:45 AM (IST)
प्रादेशिक फल, शाकभाजी व पुष्प प्रदर्शनी के लिए पंजीकरण का आज अंतिम दिन, जल्दी करें; इन बातों का खास रखें ख्याल
लखनऊ के राजभवन में छह से आठ फरवरी तक लगेगी पुष्प एवं शाकभाजी प्रदर्शनी।

लखनऊ, जेएनएन। बागवानी व किचेन गार्डेन के शौकीनों के लिए हर साल राजभवन में लगने वाली प्रादेशिक फल, शाकभाजी व पुष्प प्रदर्शनी में हिस्सा लेने के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि गुरुवार को है। शाम पांच बजे तक आलमबाग स्थित राजकीय उद्यान से संपर्क करके आप पंजीकरण करा सकते हैं। 30 और 31 जनवरी को उद्यानों और किचेन गार्डेन का मूल्यांकन होगा। यह प्रदर्शनी छह से आठ फरवरी तक राजभवन में लगेगी। साथ ही 63 श्रेणियों में प्रतियोगिता भी आयोजित होगी। दैनिक जागरण कार्यालय में आयोजित प्रश्न पहर के कार्यक्रम में राजकीय उद्यान के अधीक्षक डॉ.जेआर वर्मा ने जाड़े के मौसम में पौधों को सुरक्षित रखने और प्रदर्शनी से संबंधित पाठकों के सवालों के जवाब दिए।  

प्रश्न- राजभवन में प्रादेशिक फल, शाकभाजी और पुष्प प्रदर्शनी कब लगेगी? (पलक शर्मा, ओमनगर, आलमबाग)

उत्तर-यह प्रदर्शनी छह से आठ फरवरी तक लगेगी। आम दर्शक सात फरवरी को अवलोकन के लिए जा सकते हैं।

प्रश्न-प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए कब और कहां पंजीयन होगा? (सुनील गुप्ता, बंगलाबाजार) 

उत्तर- हर साल राजभवन में लगने वाली इस प्रदर्शनी में हिस्सा लेने के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि गुरुवार को है। आप शाम पांच बजे तक आलमबाग स्थित राजकीय उद्यान से संपर्क कर पंजीकरण करा सकते हैं। 

प्रश्न-तुलसी के पौधे की पत्तियां जाड़े में काली पड़ जाती हैं, क्या करें? (शालिनी, इंदिरानगर)

उत्तर-आप गमले में लगी तुलसी को खुल स्थान के बजाय अंदर रखें, जिससे पाले का प्रभाव न पड़े। कभी-कभी पानी डाले जब आवश्यकता हो। 

प्रश्न-हर  सिंगार का पौधा बढ़ नहीं रहा है, क्या करें? (संदीप, चिनहट)

उत्तर-गमले में पौधा लगा है तो उसकी ग्रोथ जमीन के मुकाबले कम होती है। जैविक व हरी खाद का प्रयोग कर सकते हैं। पानी की मात्रा आवश्यकतानुसार ही रखें, नहीं तो पौधा सूख जाएगा। 

प्रश्न-गमले में लगा शमी का पौधा सूख रहा है, कैसे बचाएं? (नुपूर, आशुतोषनगर) 

उत्तर-आप पौधे में पानी की मात्रा कम करे दें। तापमान गिरने से पौधे को प्रचुर मात्रा में सूरज की रोशनी नहीं मिल पाती। गर्मी के मौसम में यह ठीक हो जाएगा। 

प्रश्न-गमले में गुड़हल का पौधा लगा है, लेकिन उसमें फफूंदी लग गई है। कैसे दूर होगा रोग? ( मोहित राजपूत, राजाजीपुरम) 

उत्तर-पौधे की धुलाई के साथ ही कीटनाशक का छिड़काव कर सकते हैं। धुलाई के लिए आप वॉशिंग पाउडर या शैंपू का हल्का प्रयोग कर सकते हैं। ध्यान रहे कि पानी गमले के अंदर न जाने पाए। 

इनका रखें ध्यान राजभवन में लगने वाली प्रदर्शनी में 63 श्रेणियों में प्रतियोगिता होगी। व्यक्तिगत वर्ग के साथ सरकारी, अद्र्धसरकारी और पब्लिक पार्क के प्रतिनिधि हिस्सा ले सकते हैं।  हर वर्ग के लिए पंजीकरण कराने की अंतिम तिथि 28 जनवरी है।  आउट डोर पार्क व गार्डेन का मूल्यांकन 30 व 31 जनवरी को निर्णायक मंडल करेगा। उनका फैसला अंतिम होगा।  पुष्प सज्जा, मंडप, कला व अन्य कलात्मक प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागी पांच फरवरी को ही राजभवन में तैयारी पूरी कर लें।  प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले लोग आलमबाग स्थित राजकीय उद्यान से जानकारी ले सकते हैं। इस बार राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ छह फरवरी को सुबह 10 बजे प्रदर्शनी की शुरुआत करेंगे। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल आठ फरवरी को विजेताओं को पुरस्कृत करेंगी। अगर गमले में पौधा लगाना है तो गमले के बॉटम में जहां पानी निकलने की जगह होती है वहां पॉट के टूटे हुए टुकड़े या छोटे पत्थर जरूर रखें, जिससे पानी के साथ मिट्टी का पोषण बाहर न निकले।  मिट्टी और खाद को ठीक से मिलाएं और फिर इस मिश्रण को गमले में भरें। इसके बाद मनचाहा पौधा लगाएं।  गमले का एक तिहाई हिस्सा खाली रहना चाहिए ताकि पानी डालने पर इसमें ऊपर से मिट्टी और खाद बहकर न निकले।  जब भी कोई भी बीज रोपें, इसके इसके आकार की दोगुना मोटी मिट्टी के नीचे तक ही भीतर डालें। ऐसा न करने पर इसका अंकुर फूटने में लंबा वक्त लगेगा।  फूल-पौधों के साथ वक्त गुजारना और बागवानी अपने आप में ही एक अच्छा व्यायाम है।  पौधे व फूल मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहतर है।  फूलों और हरियाली के बीच रहने से नींद न आने की समस्या भी दूर हो जाती है।  

जाड़े के मौसम में लगने वाले पौधे  जाड़े के मौसम में आप लाल, सफेद और पीले रंग के गुलाबों के साथ कार्न फ्लावर, एंटीराइनम, कारनेशन, वरबीना, ब्राचीकोम, डायंथस, नस्टरशियम, एंटीराइनम ड्वार्फ, कैलेंड्रा, बिगोनिया, हॉली हॉक जैसे पौधे लगाकर अपने किचेन गार्डेन को संवार सकते हैं।  मिलेगी पौधारोपण की जानकारी  आपके पास गार्डेन की जगह नहीं है तो घबराने की जरूरत नहीं है। बॉटनिकल गार्डेन के माध्यम से भी आप अपने घर को सुंदर बना सकते हैं। पौधारोपण से लेकर उनकी देखभाल की जानकारी भी प्रदर्शनी में मिलेगी। 

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