नकली चंदन से प्रभु का वंदन

अमरूद, खिन्नी व महुआ की लकड़ी को घिसकर बनाया जा रहा है चंदन, कन्नौज में घर-घर चल रहा नकली कारोबार, लोगों को धोखा दे कर रहे कमाई

By JagranEdited By: Publish:Wed, 08 Aug 2018 03:58 PM (IST) Updated:Wed, 08 Aug 2018 03:58 PM (IST)
नकली चंदन से प्रभु का वंदन
नकली चंदन से प्रभु का वंदन

जेएनएन, कानपुर : आप जिस चंदन को घिस-घिसकर प्रभु का वंदन कर रहे हैं, क्या वह असली है? जवाब शायद नहीं में ही होगा। आपकी इसी अनभिज्ञता का फायदा नकली चंदन के कारोबारी उठा रहे हैं। अमरूद, खिन्नी, यूकेलिप्टस और महुआ की लकड़ी को घिस-घिसकर चंदन मूठे की शक्ल में तैयार किया जा रहा है और चंदन की खुश्बू के लिए केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है।

कानपुर से सटे सुगंध नगरी कन्नौज में नकली चंदन का कारोबार जोरों पर है। नगर के पठकाना, छिपट्टी, सिपाही ठाकुर, होली मोहल्ला, हाजीगंज, कागजियाना, मकरंद नगर, गडइया समेत दर्जनों मोहल्लों में घर-घर महिलाएं व बच्चे कारोबार करते हैं। इन मोहल्लों से प्रतिदिन सैकड़ों टन माल तैयार होता है। प्रशासन ने छापा मारकर माल तो बरामद किया, लेकिन लोग पकड़ में नहीं आए।

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चंदन का खेल

-20 रुपये प्रतिकिलो मिलती है खिन्नी, अमरूद, महुआ और यूकेलिप्टस की लकड़ी।

-4 से 12 इंच तक मूठे तैयार किए जाते हैं।

-50-150 रुपये तक कीमत में होती नकली मूठे की बिक्त्री

-500 रुपये का सौ ग्र्राम का असली चंदन मूठा बिकता

-5000 रुपये प्रतिकिलो बिकता है असली चंदन

-80 से 200 रुपये प्रतिकिलो मिलता है नकली चंदन - - - - - - - - - - - -

यहा होती खपत

धार्मिक अनुष्ठानों में अक्सर नकली चंदन का इस्तेमाल होता है। वाराणसी, उच्जैन, मथुरा, काशी, बद्रीनाथ, इंदौर समेत दक्षिणी क्षेत्र के बंगलुरु, आस्टा, देवास, मक्सी, कोलकाता जैसे शहरों में इसकी खेप जाती है।

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ऐसे कर सकते हैं पहचान

जानकार बताते हैं कि अगर आप नकली चंदन की पहचान करना चाहते हैं तो उसे पानी में घिसें तो थोड़ी देर बाद नकली होने पर चंदन की खुश्बू गायब हो जाएगी और असली लकड़ी सामने आ जाएगी।

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बुरादे से बनता फेसपैक

खिन्नी, अमरूद, महुआ व यूकेलिप्टस की लकडिय़ों के घिसने के दौरान निकलने वाली छीलन को मशीन से पीसा जाता है। बुरादे में केमिकल मिलाकर फेसपैक तैयार किया जाता है। यह चंदन फेसपैक के नाम से ब्यूटी पार्लरों व कास्मेटिक दुकानों पर बिक रहा है।

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इनका कहना है

इस तरह का कारोबार नहीं होगा। इनके खिलाफ अभियान चलाकर छापेमारी करेंगे। पकड़े जाने पर कार्रवाई करेंगे। -डॉ.सृष्टि धवन, एसडीएम सदर।

असली चंदन महंगा है इसलिए चंदन की तर्ज पर अन्य लकडिय़ा इस्तेमाल हो रहीं हैं। कई जगह कारोबार होता है। -पवन त्रिवेदी, इत्र कारोबारी

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