अधिवक्ताओं ने की हड़ताल, न्यायिक कार्य से रहे विरत

गाजीपुर : अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आल इंडिया बार काउंसिल के आह्वान पर जिले के सभी अधिवक्ताओं की दो दिवसीय हड़ताल सोमवार से शुरू हो गई। इस मौके पर उन्होंने काम-काज ठप रखकर अपनी मांगों के हक में आवाज उठाई। अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते वादकारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अंत में अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों का प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी एवं जिला जज को सौंपा।

By JagranEdited By: Publish:Mon, 11 Feb 2019 07:22 PM (IST) Updated:Mon, 11 Feb 2019 07:22 PM (IST)
अधिवक्ताओं ने की हड़ताल, न्यायिक कार्य से रहे विरत
अधिवक्ताओं ने की हड़ताल, न्यायिक कार्य से रहे विरत

जासं, गाजीपुर : अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आल इंडिया बार काउंसिल के आह्वान पर जिले के सभी अधिवक्ताओं की दो दिवसीय हड़ताल सोमवार से शुरू हो गई। उन्होंने काम-काज ठप रखकर अपने हक में आवाज उठाई। अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते वादकारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी एवं जिला जज को सौंपा।

अधिवक्ताओं ने सिविल बार एसोसिएशन सभागार में बैठक कर प्रधानमंत्री द्वारा अधिवक्ता कल्याण संबंधित मांगों के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिए जाने पर आक्रोश जताया। उनकी प्रमुख मांगें न्यायालय परिसर में अधिवक्ता संघ भवन का निर्माण कराने के साथ ही इसमें सुसज्जित लाइब्रेरी की व्यवस्था करने, अधिवक्ताओं एवं वादकारियों के लिए सस्ते दर पर नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराने, नए अधिवक्ताओं को दस हजार रुपये मासिक धनराशि देने, अधिवक्ताओं की आकस्मिक मृत्यु पर उनके परिजनों को 50 लाख रुपये देने एवं बीमार होने पर निशुल्क चिकित्सा व्यवस्था करने आदि मांगे हैं। इसी क्रम में फुल्लनपुर स्थित वाणिज्य कर विभाग परिसर स्थित टैक्स बार एसोसिएशन कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्य बहिष्कार करते हुए अधिवक्ताओं ने दूसरे दिन भी धरना जारी रखने का एलान किया।अधिवक्ताओं ने अक्षम एवं वृद्ध वकीलों को पेंशन तथा पारिवारिक पेंशन की व्यवस्था करने, लोक अदालत का कार्य अधिवक्ताओं के जिम्मे करने के साथ अन्य मांगों पर चर्चा की। इसमें सीताराम गुप्ता, चंद्रिका प्रसाद, चंद्रमणि प्रसाद, आशीष बर्नवाल, राजेंद्र प्रसाद, विनोद यादव आदि थे।

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