बीहड़ में भी लहलहाने लगीं फसलें

जागरण संवाददाता, औरैया: जहां कभी गोलियों की गूंज से किसान अपनी जमीन पर नहीं जा पाता था, वह

By JagranEdited By: Publish:Wed, 19 Sep 2018 11:10 PM (IST) Updated:Wed, 19 Sep 2018 11:10 PM (IST)
बीहड़ में भी लहलहाने लगीं फसलें
बीहड़ में भी लहलहाने लगीं फसलें

जागरण संवाददाता, औरैया: जहां कभी गोलियों की गूंज से किसान अपनी जमीन पर नहीं जा पाता था, वहां अब सरकार की योजना की वजह से फसलें लहलहा रहीं हैं। किसानों के चेहरों पर बेतहाशा खुशी देखने को मिल रही है। योजना के तहत अभी तक 350 हेक्टेअर भूमि पर विभाग द्वारा काम किया गया और वहां किसानों की फसलें देखने को मिल रहीं हैं।

जिले के अजीतमल ब्लाक क्षेत्र में सैकड़ों हेक्टेअर जमीन बीहड़ पट्टी में आती है। वहां किसी जमाने में डकैतों के भय से फसल करना तो दूर वर्षों तक किसान अपनी जमीन को देखने को तरस जाता था। लेकिन आज हालात दिनों दिन बदलते जा रहे हैं। सरकार की अहम योजना पं. दीनदयाल उपाध्याय कृषि संमृद्धि योजना के तहत किसानों की किस्मत बदल रही है। अब बंजर एवं बीहड़ जमीनों पर विभाग द्वारा काम करते हुए इसे उपजाऊ बना दिया गया है। किसान की उस उपजाऊ जमीन पर अब फसलें खड़ी हैं। भूमि संरक्षण विभाग के द्वारा योजना के तहत किए गए इस कार्य के बाद क्षेत्र के लोगों में खुशी देखने को मिल रही है। इनसेट

बीहड़ की 500 हेक्टेअर भूमि पर खड़ी होगी फसल

पं. दीनदयाल उपाध्याय कृषि समृद्धि योजना के तहत भूमि संरक्षण विभाग द्वारा लगातार काम किया जा रहा है। इस वर्ष का लक्ष्य 500 हेक्टेअर का था जिसमें 350 हेक्टेअर भूमि पर काम हो चुका है। इनसेट

इन गांवों में होगा काम

योजना के तहत जिले के अजीतमल ब्लाक के अंतर्गत आने वाले यमुना पट्टी के मईमानपुर, बवाइन, सिखरना, फरिहा को चुना गया है। भूमि संरक्षण अधिकारी की मानें तो उक्त गांव में आने वाले बीहड़ पट्टी में मेड़बंदी, समतलीकरण, चेकडैम, कृषि प्रदर्शन, वृक्षारोपण आदि के काम किए जाएंगे। क्या कहते हैं जिम्मेदार

भूमि संरक्षण अधिकारी राजेश रावत ने बताया कि योजना के तहत लगातार विभाग द्वारा काम किया जा रहा है। उक्त योजना के अंतर्गत विभाग के पास करीब 60 लाख रुपये आ चुका है। शेष धनराशि आने पर आगे का काम शुरू किया जाएगा।

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