Agra Lockdown Update Day 6: हाईवे पर ऐसे हालात न देखेे थे कभी, रफ्तार की जगह दिख रहीं सिर्फ भूखे प्यासे पैदल चलने वालों की कतार

हाईवे पर रफ्तार नहीं सिर्फ दिख रही भूखे प्यासे पैदल चलने वालों की कतार। मदद को सेना ने खोले दरवाजे सैकड़ों बने मददगार।

By Tanu GuptaEdited By: Publish:Mon, 30 Mar 2020 08:36 AM (IST) Updated:Mon, 30 Mar 2020 08:36 AM (IST)
Agra Lockdown Update Day 6: हाईवे पर ऐसे हालात न देखेे थे कभी, रफ्तार की जगह दिख रहीं सिर्फ भूखे प्यासे पैदल चलने वालों की कतार
Agra Lockdown Update Day 6: हाईवे पर ऐसे हालात न देखेे थे कभी, रफ्तार की जगह दिख रहीं सिर्फ भूखे प्यासे पैदल चलने वालों की कतार

आगरा, जागरण संवाददाता। मथुरा- आगरा हाईवे, ग्वालियर हाइवे व जयपुर हाइवे व अन्य मुख्य मार्गो पर लोगों का पलायन अब भी जारी हैं। देश में लॉकडाउन की घोषणा के बाद गांवों से रोजगार की तलाश में पलायन कर चुके लोग अब घर वापसी की जद्दोजहद से जूझ रहे हैं। आगरा व उसके आसपास जिलों में मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया हैं। मार्च भले ही खत्म होने को है, लेकिन 14 अप्रैल तक समय काटना मजदूरों के लिए मुश्किल है। उन्हें लगता है कि आगे भी काम मिलने की संभावना बहुत कम है। दिहाड़ी मजदूर परिवार लेकर भूखे प्यासे जिले से पैदल ही बिहार, यूपी, राजस्थान और मध्य प्रदेश के गांवों तक सफर पर चल पड़े हैं। कोई ट्रक, ट्राला, बस और कंटेनर जो मिला उसमें भूसे की तरह भरकर सफर करने को मजबूर हो रहा है। रास्ते में कोई खाने और पानी की मदद मिलती है तो खा लेते हैं। कई बार तो घंटों भूखे-प्यासे रहना पड़ता है।

शनिवार की रात जब सड़कों पर कुछ देर के लिए वाहनों को निकलने की छूट दी गई तो ऐसा ही नजारा रविवार को पूरे दिन आगरा समेत आसपास जिलों में राष्ट्रीय राजमार्गों पर देखने को मिली। इन मजूदरोंं को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए प्रशासन ने अभी 154 रोडवेज बसों की व्यवस्था की हैं। सेना ने भी मदद के लिए दरवाजे खोले दिए है। आगरा मेंं सेना ने राहगीरोंं को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए दस ट्रक उपलब्ध कराए हैं। निजी स्कूलों की 140 बस, 150 प्राइवेट बसों को लगाया हैं।

अब डेढ़ लाख यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाया

शनिवार की रात से लेकर रविवार को दोपहर एक बजे तक उप्र रोडवेज बस परिवहन निगम व परिवहन विभाग ने पुलिस की मदद से अब तक करीब डेढ़ लाख यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने का दावा किया है। आरएम रोडवेज मनोज त्रिवेदी व एआरटीओ प्रशासन अनिल कुमार ने बताया कि आइएसबीटी से करीब 60 हजार, कुबरेपुर से 70 हजार, सिकंदरा, खंदारी, ट्रांस यमुना कॉलोनी गोयल कट, अबुल उल्लाह, हरी पर्वत, खेरिया मोड आदि स्थानों से 20 हजार यात्रियों को गतंव्य तक पहुंचाया गया। अब तक 154 रोडवेज की बसों, निजी लोगों की 120 व प्राइवेट स्कूलों की 124 बसों को लगाया गया।

मैंने सेना से सहयोग मांगा

लोगों की समस्याएं देखकर मैंने सेना से सहयोग मांगा। तत्काल ही सेना ने अपने 10 ट्रक उपलब्ध कराए। निजी स्कूलों व निजी लोगों की भी बसों के साथ रोडवेज बसोंं को लगाया गया। रविवार की रात तक शेष यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की कोशिश होगी

- प्रभु एन सिंह, डीएम 

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