Rajasthan Politics News: राज्यपाल मिश्र अब तक CM गहलोत के बयान व विधायकों के धरने से नाखुश

Rajasthan Politics News राज्यपाल कलराज मिश्र मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान और कांग्रेस विधायकों द्वारा शुक्रवार को राजभवन के लॉन में दिए गए धरने व नारेबाजी से बेहद नाखुश हैं

By Vijay KumarEdited By: Publish:Sat, 25 Jul 2020 09:20 PM (IST) Updated:Sat, 25 Jul 2020 09:20 PM (IST)
Rajasthan Politics News: राज्यपाल मिश्र अब तक CM गहलोत के बयान व विधायकों के धरने से नाखुश
Rajasthan Politics News: राज्यपाल मिश्र अब तक CM गहलोत के बयान व विधायकों के धरने से नाखुश

नरेन्द्र शर्मा, जयपुर। राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान और कांग्रेस विधायकों द्वारा शुक्रवार को राजभवन के लॉन में दिए गए धरने व नारेबाजी से बेहद नाखुश है। शुक्रवार देर रात मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उन्होंने अपनी नाराजगी जता दी थी । शनिवार को भी राज्यपाल ने एक बार फिर अपनी नाराजगी सीएम गहलोत तक पहुंचाई । वहीं राजभवन के अधिकारियों ने शनिवार दिन में राजभवन पहुंचे राज्य सरकार के विधि सचिव विनोद भरवानी को भी राज्यपाल की नाराजगी के बारे में बताया ।

विश्वस्त सूत्रों के अनुसार राजभवन सचिवालय की ओर से मुख्यमंत्री सचिवालय व मुख्य सचिव को राज्यपाल की नाराजगी के बारे में बताया गया है । गहलोत सरकार की ओर से निशाने पर लिए जाने के बाद राजभवन ने भी सख्त रुख अपना लिया। राज्यपाल ने कहा,संवैधानिक मर्यादा से ऊपर कोई नहीं होता। किसी भी तरह के दबाव की राजनीति नहीं होनी चाहिए। जब सरकार के पास बहुमत है तो सत्र बुलाने की क्या जरूरत है? सूत्रों के अनुसार राज्यपाल ने विधानसभा सत्र बुलाने को लेकर विधि विशेषज्ञों एवं संसदीय कार्य मंत्रालयों के साथ चर्चा के दौरान शनिवार को अपनी नाखुशी जाहिर करते हुए कहा कि सीएम सहित कांग्रेस विधायकों द्वारा शुक्रवार को किया गया व्यवहार उचित नहीं था ।

पत्र लिखकर जता चुके नाराजगी

दरअसल,राज्यपाल सीएम गहलोत के उस बयान से बेहद नाखुश है,जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर जनता राजभवन घेर लेगी तो हम भी कुछ नहीं कर सकेंगे । शुक्रवार देर रात राज्यपाल ने सीएम गहलोत को पत्र लिखकर कहा था कि आपका गृह विभाग राज्यपाल कर सुरक्षा नहीं कर सकता है क्या ?इसके साथ ही उन्होंने सीएम से पूछा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर आपका क्या मत है  ।राज्यपाल ने कहा कि इससे पहले कि मैं विधानसभा सत्र के संबंध में विशेषज्ञों से चर्चा करता,आपने सार्वजनिक रूप से कहा कि यदि राजभवन का घेराव होता है तो आपकी जिम्मेदारी नहीं है । मिश्र ने कहा कि मैने कभी किसी मुख्यमंत्री का ऐसा बयान नहीं सुना । पत्र में उन्होंने सीएम से पूछा कि राज्यपाल की सुरक्षा के बारे में किस एजेंसी से संपर्क किया जाए । क्या यह गलत प्रवृति की शुरूआत नहीं है,जहां विधायक राजभवन में विरोध प्रदर्शन करते हैं ।

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