Indian Railways: ट्रेन के लोको पायलट ने 800 यात्रियों की जान खतरे में डाली, रिश्तेदार को थमाया इंजन; हड़कंप मचने पर तीन निलंबित

अहमदाबाद से दिल्ली जा रही आश्रम एक्सप्रेस ट्रेन में सोमवार को बड़ी लापरवाही सामने आई है। तेज गति से दौड़ती ट्रेन के इंजन में बैठे एक व्यक्ति ने आपातकालीन उपकरणों से छेड़छाड़ की। उसने छेड़छाड़ का फेसबुक पर लाइव भी किया।

Arun Kumar SinghPublish:Tue, 31 May 2022 06:31 PM (IST) Updated:Tue, 31 May 2022 06:31 PM (IST)
Indian Railways: ट्रेन के लोको पायलट ने 800 यात्रियों की जान खतरे में डाली, रिश्तेदार को थमाया इंजन; हड़कंप मचने पर तीन निलंबित
Indian Railways: ट्रेन के लोको पायलट ने 800 यात्रियों की जान खतरे में डाली, रिश्तेदार को थमाया इंजन; हड़कंप मचने पर तीन निलंबित

जागरण संवाददाता, जयपुर। अहमदाबाद से दिल्ली जा रही आश्रम एक्सप्रेस ट्रेन में सोमवार को बड़ी लापरवाही सामने आई है। तेज गति से दौड़ती ट्रेन के इंजन में बैठे एक व्यक्ति ने आपातकालीन उपकरणों से छेड़छाड़ की। उसने छेड़छाड़ का फेसबुक पर लाइव भी किया। इस बारे में सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। रेलवे के अधिकारियों ने घटना के लिए जिम्मेदार तीन कर्मचारियों को निलम्बित कर दिया है। वहीं, आरोपित व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

फेसबुक पर लाइव कर इंजन को चलाने का प्रयास

जानकारी के अनुसार मामला सोमवार शाम राजस्थान में दौसा जिले के बांदीकुई रेलवे स्टेशन का है। जयपुर से इस स्टेशन पर पहुंची आश्रम एक्सप्रेस ट्रेन के लोको पायलट संतोष ने खुद के बजाय अपने रिश्तेदार सुखराम को इंजम थमा दिया। सुखराम ने फेसबुक पर लाइव कर इंजन को चलाने का प्रयास किया। इस दौरान उसने सुरक्षा उपकरणों से छेड़छाड़ की। उस समय ट्रेन में 800 से ज्यादा यात्री सवार थे। जानकारी के अनुसार संतोष के रिश्तेदार सुखराम का टिकट कन्फर्म नहीं था। इस कारण संतोष ने उसे अपने साथ लोको केबिन (इंजन) में बिठा लिया।

जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई

जयपुर मंडल रेलवे के महाप्रबंधक नरेन्द्र ने बताया कि इस घटना के बाद मुख्य लोको पायलट संतोष, सहायक लोको पायलट मनीष कुमार और प्रदीप मीणा को निलम्बित कर दिया गया है। लोको केबिन में बैठा सुखराम ट्रेन से दि‍ल्ली पहुंच गया था। उसके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया गया है। इस मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई है। प्रारम्भिक जांच में सामने आया कि सुखराम की हरकतों के कारण ट्रेन में सवार 800 से ज्यादा यात्रियों की जान को खतरा हो सकता था ।