'मौन' ही रह गई पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन की घोषणा, नहीं बन पाया एयरपोर्ट

लुधियानवियों को अब हलवारा में प्रस्तावित एयरपोर्ट से ही उम्मीदें हैं।

By JagranEdited By: Publish:Fri, 07 Sep 2018 11:12 AM (IST) Updated:Fri, 07 Sep 2018 11:12 AM (IST)
'मौन' ही रह गई पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन की घोषणा, नहीं बन पाया एयरपोर्ट
'मौन' ही रह गई पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन की घोषणा, नहीं बन पाया एयरपोर्ट

जासं, लुधियाना : प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली केंद्र की यूपीए सरकार ने वर्ष 2008 में लुधियाना के माछीवाड़ा समेत देश में 18 ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने का एलान किया था, लेकिन माछीवाड़ा में ग्रीनफील्ड बनाने की डॉ. मनमोहन की घोषणा 'मौन' ही रह गई। एयरफोर्स का तकनीकी ऑब्जेक्शन लगने के बाद अब यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया है। नतीजतन लुधियानवियों को अब हलवारा में प्रस्तावित एयरपोर्ट से ही उम्मीदें हैं। काबिलेजिक्र है कि देश में हवाई सेवाओं का नेटवर्क मजबूत करने के लिए यूपीए सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान देश में 18 ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट बनाने का एलान किया था। इसमें औद्योगिक राजधानी लुधियाना के कस्बे माछीवाड़ा में भी एयरपोर्ट प्रस्तावित किया था। यह ग्रीनफील्ड कुल 3500 एकड़ (1416 हेक्टेयर) में बनाने की योजना थी। पहले चरण में 2500 एकड़ जगह को डवलप किया जाना था। इस पर करीब दो हजार करोड़ का निवेश करने का प्रस्ताव था। तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने इस एयरपोर्ट को जमीन पर उतारने के लिए तत्कालीन केंद्रीय सिविल एविएशन मंत्री एके एंटोनी को भी कई पत्र लिखे थे। इन पर होमवर्क भी जोरों से शुरू हो गया था। इसके लिए पंजाब स्टेट इंडस्ट्रियल डवलपमेंट कारपोरेशन ने बंगाल की एरोट्रोपालिस एवं सिंगापुर चागी एयरपोर्ट इंटरनेशनल से प्रोजेक्ट को विकसित करने के लिए समझौता भी किया था, लेकिन वक्त के साथ यह समझौता भी खत्म हो गया। उद्यमियों का क्या है मानना

काबिलेजिक्र है कि लुधियाना उत्तर भारत का औद्योगिक शहर है। यहा पर बेहतर एयरपोर्ट की काफी जरूरत है। उद्यमी मानते हैं कि एयरपोर्ट होने से कारोबार में अच्छा खासा इजाफा हो सकता है। दूसरे शहर हवाई मार्ग के जरिए देश के अन्य शहरों से जुड़ जाएगा। माछीवाड़ा में एयरपोर्ट बनना असंभव : पीएस गिल

ग्रेटर लुधियाना डवलपमेंट अथॉरिटी के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर पीएस गिल का कहना है कि माछीवाड़ा ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट पर एयरफोर्स ने तकनीकी ऑब्जेक्शन लगाया है। नतीजतन वहा पर एयरपोर्ट बनाना संभव नहीं है। अब हलवारा के एयरफोर्स स्टेशन से घरेलू उड़ाने शुरू करने को लेकर कवायद की जा रही है।

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