रणनीति: बरसात ने धोया छपार मेला, बैंक्वेंट में चले सियासी बाण

पंजाब के सबसे मशहूर छपार मेले को सोमवार को बरसात ने पूरी तरह धो डाला। इसका असर मेला लगाने वाले, मेला देखने वालों के साथ-साथ राजनीतिक पार्टियों पर भी पड़ा। पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बरसात के बाद सभी राजनीतिक दलों के पंडाल में पानी भर गया।

By JagranEdited By: Publish:Tue, 25 Sep 2018 07:30 AM (IST) Updated:Tue, 25 Sep 2018 03:59 PM (IST)
रणनीति: बरसात ने धोया छपार मेला, बैंक्वेंट में चले सियासी बाण
रणनीति: बरसात ने धोया छपार मेला, बैंक्वेंट में चले सियासी बाण

अर्शदीप समर, लुधियाना

पंजाब के सबसे मशहूर छपार मेले को सोमवार को बरसात ने पूरी तरह धो डाला। इसका असर मेला लगाने वाले, मेला देखने वालों के साथ-साथ राजनीतिक पार्टियों पर भी पड़ा। पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बरसात के बाद सभी राजनीतिक दलों के पंडाल में पानी भर गया। इसके बाद कांग्रेस और शिअद ने छपार मेले से लगभग सात से आठ किलोमीटर दूर बैंक्वेंट में राजनीतिक कांफ्रेंस का इंतजाम कर लिया। पर आम आदमी पार्टी समेत अन्य छोटी राजनीतिक पार्टियों को मजबूरन जगह न मिलने के कारण मैदान छोड़ना पड़ा। इस दौरान कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने बैंक्वेंट में से ही एक-दूसरे पर सियासी बाण चलाए। दोनों ही पार्टियों के सीनियर नेताओं को बैंक्वेंट में ही भीड़ जुटानी पड़ी ताकि बारिश के बाद भी शक्ति प्रदर्शन कर जनता पर प्रभाव डाल सकें। कांफ्रेंस में नशा, बेअदबी और महंगाई पर चले सियासी तीर

कांग्रेस और अकाली दल दोनों पार्टियों की तरफ से नशा, बेअदबी और महंगाई ही मुख्य मुद्दा रहा। एक तरफ जहां कांग्रेस के सीनियर नेता शिअद को बेअदबी और नशे के मुद्दे पर घेरने में लगे थे। वहीं, अकाली दल के सीनियर नेता भी कांग्रेस सरकार को महंगाई, बेअदबी मामले में झूठा फंसाने और वादों को पूरा न करने को लेकर घेरते हुए दिखे। दोनों पार्टियों ने जिला परिषद् और ब्लॉक समिति चुनाव को लेकर भी चर्चा की। कांग्रेस ने चुनाव में जीत को जनता की जीत बताया और शिअद नेताओं ने उसी जीत को धक्केशाही बताते हुए कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। आप व अन्य दलों के समर्थक हुए निराश

पिछले विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने गांव छपार मेले में काफी बड़ी सियासी रैली की थी। इसमें भारी संख्या में लोग शामिल हुए थे। वहीं, इस बार भी आप समर्थकों को लग रहा था कि पार्टी छपार में राजनीतिक कांफ्रेंस करेगी। पर बरसात के कारण आप समेत छोटे दलों ने सियासी कांफ्रेंस करने से इंकार कर दिया। इससे छपार मेले में आप व अन्य छोटे दलों के समर्थकों के हाथ निराशा ही लगी। बरसात में कम आए लोग, खाली पड़े रहे स्टाल

पिछले तीन दिन से भारी बरसात का असर गांव छपार में मेले पर पड़ा। मेले में काफी कम लोग पहुंचे। इस कारण लगे झूले और स्टाल खाली ही दिखे। जो कुछेक लोग मेला देखने के लिए पहुंचे, उन्हें भी बरसात के कारण इधर-उधर किसी छत या तिरपाल के नीचे खड़ा होना पड़ा। बरसात के कारण मेले में काफी कीचड़ और पानी इकट्ठा हो गया था। लोगों को चलने में काफी दिक्कत हो रही थी।

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