सरकार ने दी राहत पर नहीं चलेगी लोहा और स्टील इंडस्ट्री

फतेहगढ़ साहिब कोरोना के संक्रमण की रोकथाम के लिए लगाए क‌र्फ्यू के कारण औद्योगिक इकाइयां बंद होने से बाहरी मजदूरों का पलायन तेज हो गया है।

By JagranEdited By: Publish:Tue, 31 Mar 2020 12:03 AM (IST) Updated:Tue, 31 Mar 2020 06:08 AM (IST)
सरकार ने दी राहत पर नहीं चलेगी लोहा और स्टील इंडस्ट्री
सरकार ने दी राहत पर नहीं चलेगी लोहा और स्टील इंडस्ट्री

धरमिदर सिंह. फतेहगढ़ साहिब

कोरोना के संक्रमण की रोकथाम के लिए लगाए क‌र्फ्यू के कारण औद्योगिक इकाइयां बंद होने से बाहरी मजदूरों का पलायन तेज हो गया है। इसे रोकने के लिए सरकार ने प्रदेश में कुछ शर्तो से इकाइयां खोलने की मंजूरी दे दी गई। सरकार की इस राहत के बाद भी एशिया की सबसे बड़ी लोहा मार्केट मंडी गोबिदगढ़ में कोई भी लोहा व स्टील इंडस्ट्री नहीं चल सकेगी। इसका मुख्य कारण यह है कि इनमें फिजिकल डिस्टेंसिग रखना संभव नहीं है। एक साथ कई मजदूर भारी सामान भी उत्पादन के दौरान उठाते हैं। यही नहीं दूसरा कारण यह भी है कि लोहा व स्टील इंडस्ट्री को चलाने के लिए कच्चा माल व स्क्रैप विदेश और बाहरी राज्यों से आता है। देश भर में लॉकडाउन और पंजाब में क‌र्फ्यू के चलते लोहानगरी तक कच्चा माल व स्क्रैप आसानी से पहुंचना संभव नहीं हैं। वहीं, लोहानगरी में रोजाना होने वाले उत्पादन की डिमांड और सप्लाई न होने के चलते कोई भी उद्योगपति अपनी इकाई में माल जमा करने का रिस्क नहीं लेगा। इन कारणों के चलते कोई भी लोहा व स्टील इंडस्ट्री नहीं चलेगी। पंजाब सरकार के एलान के बाद विभिन्न एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन को भी यह जानकारी दे दी है कि वे कोई भी इकाई नहीं चलाएंगे। 250 रोलिग मिलें और 100 के करीब हैं फर्नेस

मंडी गोबिदगढ़ और इसके साथ सटे खन्ना इलाके में 250 के करीब रोलिग मिलें और 100 के करीब फर्नेंस हैं। प्रत्येक इकाई के साथ परोक्ष या अपरोक्ष तौर पर 50 से 70 मजदूर जुड़े हुए हैं। इन इकाइयों के बंद होने से हजारों मजदूरों का रोजगार छिन गया है। मरम्मत का काम कराने को सहमति

औद्योगिक इकाइयां चलाने को मंजूरी के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों से संपर्क साधा। लेकिन कोई भी अपनी इकाई चलाने को सहमत नहीं हुए। इस दौरान बाहरी मजदूरों का पलायन रोकने के लिए औद्योगिक इकाइयों में मरम्मत जैसे काम, जिनमें फिजिकल डिस्टेंसिग रखी जा सकती है, पर सहमति जताई गई। अब जिन उद्योगपतियों ने अपनी इकाई में मरम्मत का कोई काम कराना है तो वे करवा सकते हैं। इसके अलावा फिजिकल डिस्टेंसिग समेत अन्य सावधानियों का ध्यान रखते हुए पंजाब सरकार की शर्तो को पूरा करते हुए इकाइयां चलाई जा सकती हैं। लोहा और स्टील इंडस्ट्री चलाना संभव नहीं : वशिष्ट

ऑल इंडिया स्टील री-रोलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद वशिष्ट ने कहा कि सरकार का फैसला बिलकुल सही है। जो इकाइयां चल सकती हैं उनमें लेबर को काम दिया जाना चाहिए। लेकिन कोरोना से बचाव को जो एहतियात जरूरी है, उसमें लोहा व स्टील इंडस्ट्री चलाना संभव नहीं। कच्चे माल व स्क्रैप को लेकर भी दिक्कतें हैं। उत्पादन के बाद माल को सप्लाई करने में भी अनेक मुश्किलें आएंगी।

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