चंडीगढ़: इंटरनेशनल यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज डे पर आयुर्वेद चिकित्सा को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाने की मांग

गुरु मनीष ने कहा कि हमारे लिए यह गर्व की बात है कि आयुर्वेद को केंद्र सरकार से भी मान्यता और स्वीकृति मिल रही है। यदि आयुर्वेद आधारित अस्पतालों को हेल्थ इंश्योरेंस भी मिलने लगे तो आम जनता भी आयुर्वेद के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकेगी।

By Ankesh ThakurEdited By: Publish:Wed, 15 Dec 2021 10:42 AM (IST) Updated:Wed, 15 Dec 2021 10:42 AM (IST)
चंडीगढ़: इंटरनेशनल यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज डे पर आयुर्वेद चिकित्सा को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाने की मांग
हिम्स भारत का पहला एनएबीएच आयुर्वेदिक पंचकर्म अस्पताल है, जहां दवाओं का उपयोग नहीं होता है।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। हर कोई, हर जगह, पैसे की परवाह किए बगैर, गुणवत्तापूर्ण आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने का हकदार है। इंटरनेशनल यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज डे (सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज दिवस) के अवसर पर शुद्धि आयुर्वेद के संस्थापक एवं आयुर्वेद विशेषज्ञ गुरु मनीष ने भारत सरकार से आग्रह किया है कि आयुर्वेद चिकित्सा को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाया जाए। हॉस्पिटल एंड इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड मेडिकल साइंसेज (हिम्स) को एनएबीएच (नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स) की मान्यता प्रदान करने के लिए सरकार का आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में सभी रोगों की चिकित्सा की क्षमता मौजूद है और यह रोगों को जड़ से समाप्त करता है।

गुरु मनीष ने कहा कि हमारे लिए यह गर्व की बात है कि आयुर्वेद को केंद्र सरकार से भी मान्यता और स्वीकृति मिल रही है। यदि आयुर्वेद आधारित अस्पतालों को हेल्थ इंश्योरेंस भी मिलने लगे तो आम जनता भी आयुर्वेद के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकेगी। हिम्स में अब सरकारी कर्मचारी मुफ्त में अपना इलाज करा सकेंगे। हाल ही में विश्व रोगी सुरक्षा दिवस के अवसर पर उन्होंने सरकार से अपील की है कि आयुर्वेद को विस्तृत रूप से स्वास्थ्य बीमा के लिए मान्यता प्रदान करे। ऐलोपैथी दवाओं के साइड इफेक्ट होते हैं, जबकि आयुर्वेदिक औषधियों के साथ यह परेशानी नहीं है। आयुर्वेद में प्राकृतिक विधि से सरल और सुलभ चिकित्सा की सहूलियत मिलती है।

हिम्स भारत का पहला एनएबीएच आयुर्वेदिक पंचकर्म अस्पताल है, जहां दवाओं का उपयोग नहीं होता है। इसके बजाय हिम्स क्लीनिक में जीवनशैली में बदलाव और प्राकृतिक तरीकों से रोगियों को ठीक किया जाता है। भारत में 100 से अधिक शुद्धि क्लीनिक है और दिल्ली व एनसीआर में 12 आयुर्वेदिक क्लीनिक मौजूद हैं, जिन्हें सीजीएचएस और डीजीएचएस ने अनुमोदित किया है। हिम्स चंडीगढ़ और पश्चिम विहार दिल्ली को एनएबीएच की मान्यता मिली है। ये अस्पताल किडनी और लीवर की विफलता, कैंसर और ऑटो-इम्यून के रोगियों का सफलतापूर्वक इलाज कर रहे हैं।

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