मार्च तक जीएसटीआर-2 और जीएसटीआर-3 भरने से मुक्ति

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्क्ष ता में जीएसटी काउंसिल की शुक्रवार को यहां हुई 23वीं बैठक में ये फैसले लिए गए।

By Tilak RajEdited By: Publish:Sat, 11 Nov 2017 08:25 AM (IST) Updated:Sat, 11 Nov 2017 08:25 AM (IST)
मार्च तक जीएसटीआर-2 और जीएसटीआर-3 भरने से मुक्ति
मार्च तक जीएसटीआर-2 और जीएसटीआर-3 भरने से मुक्ति

गुवाहाटी, हरिकिशन शर्मा। जीएसटीएन पोर्टल में तकनीकी खामियों के चलते कारोबारियों को आ रही दिक्कतों को देखते हुए जीएसटी काउंसिल ने रिटर्न फाइलिंग के नियमों में बड़ी छूट दी है। जिन कारोबारियों का सालाना टर्नओवर डेढ़ करोड़ रुपये से कम है, उन्हें जीएसटीआर-2 और जीएसटीआर-3 फाइल करने की जरूरत नहीं होगी।

ऐसे व्यापारी मार्च, 2018 तक हर तिमाही में सिर्फ एक बार जीएसटीआर-1 के रूप में अपना रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। साथ ही सभी कारोबारियों को जीएसटीआर-3बी रिटर्न दाखिल करने की सुविधा अगले साल मार्च तक मिलती रहेगी। फिलहाल यह सुविधा सिर्फ दिसंबर तक ही थी।

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्क्ष ता में जीएसटी काउंसिल की शुक्रवार को यहां हुई 23वीं बैठक में ये फैसले लिए गए। बैठक के बाद वित्त सचिव हसमुख अढिया ने कहा कि जो व्यापारी निल कारोबार का रिटर्न दाखिल करते हैं, उनके लिए रिटर्न के फॉर्म को और आसान बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि करीब 30 से 40 फीसद व्यापारी निल रिटर्न दाखिल करते हैं।

रिटर्न फाइलिंग के नियमों में ढील देने संबंधी जीएसटी काउंसिल के फैसले की जानकारी देते हुए अढिया ने कहा कि जीएसटीआर-3बी भरने की सुविधा मार्च, 2018 तक जारी रहेगी। व्यापारी किसी भी माह का जीएसटीआर-3बी अगले माह की 20 तारीख तक भर सकेंगे। साथ ही जिन व्यापारियों का टर्नओवर डेढ़ करोड़ रुपये सालाना से कम है, वे तीन माह में सिर्फ एक बार जीएसटीआर-1 ही जमा कर सकेंगे। उन्हें जीएसटीआर-2 और जीएसटीआर-3 भरने की जरूरत नहीं होगी।

ऐसे व्यापारी जुलाई और सितंबर तक की तिमाही के लिए जीएसटीआर-1 को 31 दिसंबर तक, अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए 15 फरवरी, 2018 तक और जनवरी-मार्च के लिए 30 अप्रैल, 2018 तक जमा कर सकेंगे। वहीं डेढ़ करोड़ रुपये से ऊपर टर्नओवर वाले व्यामपारियों को हर माह जीएसटीआर-1 फाइल करना होगा। उन्हें भी यह सुविधा मार्च 2018 तक मिलेगी।

जुलाई से लेकर मार्च, 2018 के लिए जीएसटीआर-2 और जीएसटी-3 कब तक भरे जाएंगे, इसकी समयावधि जीएसटी काउंसिल की अधिकारियों की समिति तय करेगी। हालांकि इस अवधि में व्योपारी जीएसटीआर-2 और जीएसटीआर-3 भरे बगैर ही जीएसटीआर-1 भरते रहेंगे।

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