Assam Boat Accident: असम के जोरहाट में नाव डूबने से एक की मौत, 84 को बचाया गया; दो अभी भी लापता

Assam Boat Accident मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने दुर्घटना पर चिंता जताते हुए माजुली व जोरहाट जिला प्रशासन को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) व राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की मदद से बचाव कार्य तेज करने का निर्देश दिया।

By Manish PandeyEdited By: Publish:Thu, 09 Sep 2021 08:49 AM (IST) Updated:Thu, 09 Sep 2021 12:02 PM (IST)
Assam Boat Accident: असम के जोरहाट में नाव डूबने से एक की मौत, 84 को बचाया गया; दो अभी भी लापता
अंतर्देशीय जल परिवहन विभाग के तीन अधिकारी निलंबित

गुवाहाटी, प्रेट्र। असम के जोरहाट जिले में बुधवार को स्टीमर से टक्कर के बाद यात्रियों से भरी एक नाव ब्रह्मपुत्र नदी में डूब गई। इस हादसे के दौरान नाव में 90 लोग सवार थे, जिसमें से एक की मौत हो गई और लगभग 87 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 2 यात्री अभी भी लापता हैं। अंतर्देशीय जल परिवहन (आइडब्ल्यूटी) विभाग के तीन अधिकारियों को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्य में लगातार लगी हुई हैं। सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिया हैं।

एक निजी नाव 'मां कमला' निमती घाट से यात्रियों और वाहनों को लेकर माजुली की तरफ रवाना हुई थी। कुछ ही दूरी पर वह सरकारी फेरी स्टीमर त्रिपकाई से टकरा गई। जोरहाट के पुलिस अधीक्षक अंकुर जैन ने बताया कि डूबने के बाद नाव बहती हुई करीब डेढ़ किलोमीटर दूर चली गई थी। लापता व्यक्ति जोरहाट और लखीमपुर जिलों के रहने वाले हैं और सेना के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के गोताखोरों का तलाशी अभियान अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि गोताखोर गुरुवार सुबह भी नाव के अंदर गए, लेकिन कोई शव नहीं मिला। सेना के गोताखोर भी इलाके की तलाशी लेंगे। वायुसेना लापता लोगों का पता लगाने के लिए हवाई सर्वेक्षण करेगी।

वहीं, जोरहाट मेडिकल कालेज और अस्पताल के अधीक्षक पूर्णिमा बरुआ ने कहा कि 11 यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से एक की मौत हो गई और तीन को इलाज के बाद घर भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि सात लोगों का अभी भी इलाज चल रहा है, लेकिन उनमें से कोई भी गंभीर नहीं है। शारीरिक चोट से ज्यादा, वे मानसिक आघात में हैं। मृतक की पहचान परिमिता दास के रूप में हुई है, जो गुवाहाटी की रहने वाली थी और माजुली के रंगचाही कालेज में फैकल्टी के तौर पर कार्यरत थी।

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने दुर्घटना पर चिंता जताते हुए माजुली व जोरहाट जिला प्रशासन को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) व राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की मदद से बचाव कार्य तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने मंत्री बिमल बोरा को भी मौके पर भेजा और अपने प्रधान सचिव समीर कुमार सिन्हा को राहत व बचाव कार्य पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने को कहा है। वह गुरुवार को निमती घाट का दौरा करेंगे।

राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री ने जताया दुख, मदद का दिया भरोसा

राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, असम के राज्यपाल जगदीश मुखी व कांग्रेस नेता राहुल गांधी आदि ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, 'असम में हुए नाव हादसे से स्तब्ध हूं। यात्रियों को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।' केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने असम के सीएम सरमा से फोन पर बात कर बचाव कार्यो के संबंध में जानकारी ली।

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