Coronavirus: मोदी सरकार ने कोरोना के चलते भविष्य निधि में से निकासी के प्रावधानों में किया बदलाव

कोई भी सदस्य कर्मचारी 3 महीने के मूल वेतन व महंगाई भत्ते अथवा ईपीएफ खाते में मौजूद रकम के 75 फीसद के बराबर तक रकम (दोनों में जो कम हो) निकाल सकता है।

By Bhupendra SinghEdited By: Publish:Fri, 10 Apr 2020 05:34 PM (IST) Updated:Fri, 10 Apr 2020 05:34 PM (IST)
Coronavirus: मोदी सरकार ने कोरोना के चलते भविष्य निधि में से निकासी के प्रावधानों में किया बदलाव
Coronavirus: मोदी सरकार ने कोरोना के चलते भविष्य निधि में से निकासी के प्रावधानों में किया बदलाव

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने कोरोना से मुकाबले के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान अपने ग्राहक कर्मचारियों के 1.37 लाख दावों का निपटारा करते हुए उन्हें लगभग 280 करोड़ रुपये की भविष्य निधि रकम के भुगतान की प्रक्रिया प्रारंभ की है। शीघ्र ही ये रकम ग्राहकों के खातों में पहुंच जाएगी। केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी को देखते हुए भविष्य निधि में से निकासी के प्रावधानों में बदलाव किया है। 

ईपीएफ खाते में मौजूद रकम के 75 फीसद तक रकम निकाल सकता है

इस प्रावधान के तहत केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर चुका कोई भी सदस्य कर्मचारी तीन महीने के मूल वेतन व महंगाई भत्ते अथवा ईपीएफ खाते में मौजूद रकम के 75 फीसद के बराबर तक रकम (दोनों में जो कम हो) निकाल सकता है।

लॉकडाउन अवधि के दौरान ऑनलाइन आवेदन कर भविष्य निधि निकाल सकते हैं

इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा, ताकि लॉकडाउन अवधि के दौरान भविष्य निधि निकालने के लिए कहीं आने जाने की जरूरत न पड़े। ये भी निर्णय लिया गया था कि आवेदन के बाद संपूर्ण प्रक्रिया कंप्यूटर द्वारा अपने आप संपन्न होगी।

ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था

इसके तहत अब तक 137 लाख ग्राहकों को 279.65 करोड़ रुपये की भविष्य निधि रकम के त्वरित और ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की जा रही है। ये रकम जल्द ही ग्राहकों के खातों में पहुंच जाएगी।

केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने के साथ दावा

ईपीएफओ की ओर से जारी बयान के अनुसार इस प्रक्रिया के तहत के तहत जिन ग्राहकों के खाते पूर्णतया केवाईसी संपन्न हैं उन सबके दावों को 72 घंटे के भी भीतर प्रोसेस किया जा रहा है। जिन सदस्यों ने किसी अन्य श्रेणी में आवेदन किया है वे भी महामारी से मुकाबले के लिए केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने के साथ दावा कर सकते हैं।

ईपीएफओ में जन्मतिथि ठीक करवा सकेंगे पीएफ सदस्य

कोरोना महामारी के मद्देनजर आनलाइन सुविधाओं की उपलब्धता और पहुंच बढ़ाने के लिए ईपीएफओ ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों को संशोधित निर्देश जारी किए हैं। इनके मुताबिक पीएफ सदस्यों को ईपीएफओ रिकार्ड में उनकी जन्मतिथि को सुधारने की सुविधा प्रदान की है। जिससे कि उनके यूएएन के साथ केवाईसी होनी सुनिश्चित की जा सके।

ईपीएफओ के सहायक भविष्य निधि आयुक्त उदित साह ने बताया कि आधार में दर्ज जन्म तिथि को अब सुधार के उद्देश्य से जन्मतिथि को अब सुधार के उद्देश्य से जन्मतिथि के वैध प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा। बशर्ते कि दो तारीखों में अंतर 03 वर्ष से कम हो। पीएफ सदस्य सुधार अनुरोध आनलाइन जमा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस स्थिति में ईपीएफओ इससे यूआईडीएआई के साथ सदस्यों के जन्म की तारीख को तुरंत सत्यापित करने में सक्षम होगा। जिससे कि सुधार के लिए प्राप्त अनुरोधों की प्रक्रिया में लगने वाले समय में कमी आएगी।

ईपीएफओ मुख्यालय ने क्षेत्रीय कार्यालयों को कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न वित्तीय संकट में पीएफ सदस्यों को सक्षम करने तथा उनकी भविष्यनिधि राशि से गैर वापसी योग्य अग्रिम प्रदान करने के लिए सदस्यों से प्राप्त अनुरोधों के निपटाने में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

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