एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित होगा ग्‍वालियर रेलवे स्‍टेशन, छठे प्‍लेटफार्म का भी होगा निर्माण

ग्वालियर रेलवे स्टेशन (Gwalior Railway Station) को एयरपोर्ट (Airport) की तरह विकसित किया जाएगा। इसके लिए 240 की जगह अब 432 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पहले यहां पांच प्लेटफार्म बनाने की योजना थी लेकिन अब छह प्‍लेटफार्म बनाये जाएंगे।

By Babita KashyapEdited By: Publish:Sat, 29 Jan 2022 08:08 AM (IST) Updated:Sat, 29 Jan 2022 08:08 AM (IST)
एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित होगा ग्‍वालियर रेलवे स्‍टेशन, छठे प्‍लेटफार्म का भी होगा निर्माण
ग्वालियर रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जाएगा

ग्‍वालियर, जेएनएन। अब ग्वालियर रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित करने का काम 240 की जगह 432 करोड़ रुपये में किया जाएगा। अब यहां कुल छह प्लेटफॉर्म बनाये जाएंगे। जबकि पहले स्टेशन में पांच प्लेटफॉर्म बनाने की योजना थी। इसके अलावा स्टेशन के लुक में भी थोड़ा बदलाव किया गया है। पहले यह काम भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम (IRSDC) द्वारा किया जाना था, लेकिन IRSDC के विघटन के बाद यह जिम्मेदारी जोनल रेलवे को दे दी गई है। इसी के आधार पर अधिकारियों ने प्रोजेक्ट एस्टीमेट तैयार कर झांसी रेल मंडल को भेज दिया है। वहां से इसे मुख्यालय प्रयागराज भेजा जाएगा। मुख्यालय से हरी झंडी मिलने के बाद स्टेशन के पुनर्विकास के लिए टेंडर जारी कर दिए जाएंगे।

इस रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की योजना वर्ष 2019 नियमित रूप से चल रहा है। दिसंबर 2019 में आईआरएसडीसी ने कोटेशन के लिए अनुरोध जारी किया था। स्टेशन को इसके तहत पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर विकसित किया जाना है। रेलवे पुनर्विकास कंपनी को 9900 वर्गमीटर जमीन रेलवे द्वारा 99 साल के लिए लीज पर दी जाएगी, जिस पर वह व्यवसायिक और आवासीय निर्माण कर सकती है। इस स्टेशन का डिजाइन पूरी तरह से एक हवाई अड्डे की तरह तैयार किया गया है, ताकि भव्य नजर आये और यात्रियों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकें, लेकिन साल 2020 में कोरोना संक्रमण के लाकडाउन के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। इस बीच, 18 अक्टूबर 2021 को आईआरएसडीसी को बंद कर दिया गया और स्टेशनों के पुनर्विकास की जिम्मेदारी जोनल स्तर पर दे दी गई। इसी तरह प्रयागराज स्थित मुख्यालय के आदेश पर रेलवे अधिकारियों ने इस परियोजना का एस्टीमेट तैयार किया है। यह एस्टीमेट अब 432 करोड़ रुपये हो गया है, इसमें छठे प्लेटफार्म का प्रावधान भी जोड़ दिया गया है। स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर लगे टाइल्स और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता में भी बदलाव किया गया है।

काम नया लेकिन ऐतिहासिक रूप बरकरार रहेगा

रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का काम भले ही नया होगा, लेकिन इस दौरान स्टेशन के ऐतिहासिक स्वरूप को बरकरार रखा जाएगा। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी इसके निर्देश दिए हैं। इसे हेरिटेज लुक पर विकसित किया जाएगा। इसके अलावा प्लेटफार्म नंबर एक की ओर तीन गेट तैयार किए जाएंगे। इसमें पहला गेट सर्कुलेटिंग एरिया में प्रवेश करने से पहले होगा। दूसरे और तीसरे गेट को भव्य रूप दिया जाएगा। स्टेशन पर ग्वालियर की विरासत से जुड़ी हर चीज होगी।

ये होंगे खास कार्य

वर्तमान स्टेशन भवन के ऊपर आकर्षक टैरेस बनाया जाएगा, जिसमें पोर्च होगा। यहां से प्लेटफार्म तक पहुंचने के लिए स्वचालित सीढ़ियां और लिफ्ट की व्‍यवस्‍था होगी। परिसंचारी क्षेत्र में पैदल चलने वालों के लिए तीन लेन की सड़क और फुटपाथ होगा। बस स्टैंड को स्टेशन से जोड़ने के लिए फुटओवर ब्रिज बनाने की भी योजना है। यहां यात्रियों को प्लेटफार्म पर ही शॉपिंग की सुविधा भी मिल सकेगी, साथ ही रेस्टोरेंट तैयार करने की भी योजना है।

एस्टीमेट तैयार है

ग्वालियर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास करने के लिए 432 करोड़ रुपये का नया एस्टीमेट तैयार किया गया है। अब इसे मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलते ही टेंडर निकाले जाएंगे।

मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, रेल मंडल, झांसी

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