Jharkhand Budget Session: दूसरे दिन भी वेल में आए BJP विधायक, नेता प्रतिपक्ष पर हंगामा जारी

Jharkhand Budget Session भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी को सदन में नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाए जाने पर जोरदार हंगामा करने वाली बीजेपी एक बार फिर सख्‍त तेवर दिखा रही है।

By Alok ShahiEdited By: Publish:Mon, 02 Mar 2020 08:08 AM (IST) Updated:Mon, 02 Mar 2020 09:47 PM (IST)
Jharkhand Budget Session: दूसरे दिन भी वेल में आए BJP विधायक, नेता प्रतिपक्ष पर हंगामा जारी
Jharkhand Budget Session: दूसरे दिन भी वेल में आए BJP विधायक, नेता प्रतिपक्ष पर हंगामा जारी

रांची, राज्‍य ब्‍यूरो। Jharkhand Budget Session झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सोमवार को अनुपूरक बजट पास हो गया है। सोमवार को सदन में बजट सत्र की दूसरी पाली में भी भाजपा विधायकों का हंगामा जारी रहा। इससे दूसरी पाली में भी सदन नहीं चल सका। इसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। बीजेपी के विधायक बाबूलाल को नेता प्रतिपक्ष बनाने की मांग को लेकर वेल में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। हालांकि हंगामे के बीच तृतीय अनुपूरक बजट पास कर दिया गया है। बजट सत्र का आज दूसरा दिन है।

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सोमवार को फिर हंगामा शुरू हो गया। वेल में आए भाजपा विधायकों ने बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष की मान्यता नहीं देने का विरोध करते हुए जोरदार नारेबाजी की। इस बीच स्‍पीकर रवींद्र नाथ महतो ने बार-बार आसन की ओर से आग्रह करते हुए भाजपा विधायकों से सीट पर बैठने का आग्रह किया। बीजेपी विधायकों के नहीं मानने पर सदन की कार्यवाही दोपहर 12:30 बजे तक के लिए स्‍थगित कर दी गई।

इधर विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण और राज्य की आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र पेश किया गया है। इस बीच भाजपा विधायकों का शोर-शराबा और हंगामा जारी रहा। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही फिर से दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। हंगामे से शुरुआत के बीच आज सरकार की ओर से वित्‍त मंत्री रामेश्‍वर उरांव ने सदन के पटल पर आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया है। इससे पहले भाजपा विधायकों ने पहले बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष बनाने के सवाल पर हाथों में तख्तियां लेकर मुख्‍य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया।

इधर बाबूलाल मरांडी की पहली पार्टी झारखंड विकास मोर्चा की भाजपा में विलय के बारे में राज्य निर्वाचन आयोग ने विस्‍तृत जानकारी मांगी है। इधर बाबूलाल को नेता प्रतिपक्ष की सीट नहीं दिए जाने पर विधानसभा सचिवालय ने इस पूरे मामले को प्रक्रियाधीन बताया है। स्‍पीकर रवींद्र नाथ महतो ने कानूनी राय के बाद फैसला लिए जाने की बात कही है। इससे पहले झारखंड विधानसभा का बजट सत्र शुरू होते ही शुक्रवार को भाजपा विधायकों ने जमकर हंगामा किया था। सदन में भाजपा विधायकों ने जयश्री राम और भारत माता की जय के नारे लगाए और वेल में हो-हल्‍ला मचाया। जिसके बाद स्‍पीकर रवींद्र नाथ महतो ने सदन की कार्यवाही सोमवार 11 बजे तक के लिए स्‍थगित कर दी थी।

सोमवार को सदन में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश किए जाने के दौरान भी नेता प्रतिपक्ष के मसले पर भाजपा विधायकों का हंगामा जारी रहा। भाजपा विधायकों ने अपनी मंशा साफ करते हुए कहा है कि जब तक बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष की सीट नहीं दी जाएगी, सदन की कार्यवाही सुचारु ढंग से नहीं चलने दी जाएगी, उनका विरोध जारी रहेगा।

बाबूलाल पर आज भी हंगामा तय

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे कार्यदिवस में भी कुछ वैसा ही नजारा दिखना तय है जैसा सत्र के पहले दिन देखने को मिला था। नेता प्रतिपक्ष के रूप में बाबूलाल मरांडी को बैठने की मांग को लेकर भाजपा विधायक जहां दबाव बनाते हुए हंगामा करेंगे, वहीं इस मामले में स्पीकर की भूमिका पर भी सभी की नजरें होंगी। जाहिर है सोमवार को भी विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही बाधित रहेगी, विधायी कार्य हो-हंगामे के बीच ही निपटाएं जाएंगे।

प्रश्न काल के साथ-साथ मुख्यमंत्री प्रश्नकाल भी

विधानसभा में सोमवार को प्रश्न काल के साथ-साथ मुख्यमंत्री प्रश्नकाल भी होना है। जबकि सत्र की दूसरी कार्यावधि में वित्तीय वर्ष 2019-20 के तृतीय अनुपूरक बजट पर वाद-विवाद के साथ इसे पास किया जाना है। लेकिन सदन में जो टकराव की स्थिति पैदा हुई है, उसे देखते हुए कामकाज की संभावना न के बराबर है। भाजपा विधायक बिरंची नारायण ने गत शुक्रवार को ही यह स्पष्ट कर दिया था कि यदि सोमवार तक बाबूलाल मरांडी को ससम्मान नेता प्रतिपक्ष की सीट पर नहीं बैठाया जाएगा तो हम सदन नहीं चलने देंगे।

इधर, बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में रविवार को भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने लोहरदगा का दौरा भी किया था। लोहरदगा की वस्तुस्थिति की जानकारी सदन में देने के साथ-साथ भाजपा विधायक वहां हुए दंगे की जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराने की मांग करेंगे। स्पष्ट है सदन में अभी टकराव के आसार बनें रहेंगे।

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