Top Jamshedpur News of the day, 19th November 2019, सुखराम का टिकट, इंकैब अधिग्रहण, सरयू के समर्थन में नीतीश, रघुवर से अमीर अभय

चक्रधरपुर सीट पर झामुमो प्रत्‍याशी सुखराम का नामांकन होल्‍ड पर इंकैब इंडस्‍ट्रीज अधिग्रहण मामले में नौ को होगी सुनवाई।

By Vikas SrivastavaEdited By: Publish:Tue, 19 Nov 2019 05:55 PM (IST) Updated:Tue, 19 Nov 2019 05:55 PM (IST)
Top Jamshedpur News of the day, 19th November 2019,  सुखराम का टिकट, इंकैब अधिग्रहण, सरयू के समर्थन में नीतीश, रघुवर से अमीर अभय
Top Jamshedpur News of the day, 19th November 2019, सुखराम का टिकट, इंकैब अधिग्रहण, सरयू के समर्थन में नीतीश, रघुवर से अमीर अभय

जमशेदपुर (जेएनएन)। सिटिंग विधायक का टिकट काट झामुमो ने सुखराम उरावं को चक्रधरपुर से टिकट दिया था। आपराधिक रिकार्ड को लेकर सुखराम का नामांकन अटक गया है। इंकैब इंडस्‍ट्रीज के अधिग्रहण के मामले में अगली सुनवाई नौ दिसंबर को होगी। हेमंत के बाद अब बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार भी सरयू राय के समर्थन में आ गए हैं। नामांकन ब्‍योरे के अनुसार सीएम रघुवर दास से ज्‍यादा संपत्ति झाविमो प्रत्‍याशी अभय सिंह के पास है। 

जेएमएम को झटका, सुखराम का नामांकन अटका

झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर कई तरह के उथल-पुथल देखने को मिल रहे हैं। ताजा मामला चक्रधरपुर विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा है। यहां झारखंड मुक्ति मोर्चा ने जिस सिटिंग विधायक का टिकट काट कर दूसरे को दिया, उस प्रत्‍याशी का नामांकन ही अटक गया है। ज्ञात हो कि झामुमो ने नए प्रत्‍याशी पर दांव  आजमाते हुए सुखराम उरांव को टिकट दिया था। अब सुखराम उरांव का नामांकन फिलहाल लटक गया है। उनके आपराधिक रिकार्ड को लेकर यह मामला अटका है। उनके नामांकन को होल्‍ड पर रखा गया है। उनके पिछले मुकदमो से संबंधित दस्‍तावेज को चुनाव आयोग ने तलब किया है। कुल दो केस के मामले में जवाब दाखिल करने को कहा गया है। इनमें एक का जवाब तो दे दिया गया है लेकिन दूसरे का जवाब दिया जाना बाकी है। जवाब दाखिल होने के बाद ही फैसला होगा। 

इंकैब इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अधिग्रहण नौ दिसंबर को होगी सुनवाई 

सालों से बंद इंकैब इंडस्ट्रीज लिमिटेड (केबुल कंपनी) के अधिग्रहण मामले में कोलकाता नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में सुनवाई हुई। न्यायालय ने कंपनी का पिछले 19 साल का आय-व्यय के ब्योरा के साथ निदेशकों से कंपनी की ऑडिट रिपोर्ट भी मांगी। कंपनी की संपत्ति से अर्जित आय आदि की जानकारी देने को कहा गया, लेकिन सभी सवालों का जवाब नहीं मिल पाया। कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई की तिथि नौ जनवरी निर्धारित कर दी। सुनवाई में निदेशकों के साथ टाटा स्टील के प्रतिनिधि, कंपनी यूनियन के नेता आदि शामिल हुए थे। उधर, सुनवाई में शहर से शिरकत करते हुए इंडियन केबुल वर्कर्स यूनियन के महामंत्री रामविनोद सिंह ने कहा कि एनसीएलटी ने फैसला को सुरक्षित रखा है। सटीक व सही जवाब नहीं मिलने की स्थिति में कोर्ट ने कानूनी कार्रवाई करने का भी आदेश दिया है। 

हेमंत के बाद सरयू के समर्थन में कूदे नीतीश कुमार, करेंगे रोड शो 

झारखंड सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री सरयू राय इस जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री रघुवर दास को चुनौती देने उतरे हैं। झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन से खुला समर्थन मिलने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी सरयू के लिए प्रचार करने की घोषणा की है। यही वजह रही कि माला पहन गाजे-बाजे के साथ नामांकन करने आए जदयू के दोनों प्रत्याशी उपायुक्त कार्यालय से लौट गए। जमशेदपुर पश्चिमी से जदयू के प्रत्याशी संजीव आचार्य व जमशेदपुर पूर्वी के प्रत्याशी संजय ठाकुर ने बताया कि उनका यह पहला चुनाव था, बहुत उत्साह के साथ तैयारी भी थी लेकिन आलाकमान के निर्देश पर हम सरयू राय के लिए कुर्बानी देने को तैयार हो गए। संजीव आचार्य ने कहा कि जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है  कि दोनों क्षेत्र के जदयू कार्यकर्ता सरयू राय के लिए काम करें। नीतीश कुमार खुद भी यहां सरयू के प्रचार में आएंगे, जिसमें कम से कम तीन सभा करेंगे। रोड शो करने की बात भी है। 

सीएम रघुवर दास से ज्यादा धनवान हैं अभय सिंह

झारखंड के निवर्तमान मुख्यमंत्री रघुवर दास से ज्यादा धनवान जमशेदपुर पूर्वी से उनके खिलाफ चुनाव लड़ रहे झारखंड विकास मोर्चा के उम्मीदवार अभय सिंह हैं। अभय सिंह के पास सभी उम्मीदवारों में सबसे ज्यादा नौ करोड़ 19 लाख रुपये की चल व अचल संपत्ति है। पिछले पांच बार से विधायक चुने जा रहे रघुवर दास एक बार वित्त मंत्री, उप मुख्यमंत्री व मुख्यमंत्री रहे हैं। उनके पास वर्तमान में 85 लाख रुपये की संपत्ति है जबकि अभय सिंह नौ करोड़ 19 लाख रुपये की संपत्ति के मालिक हैं। दो बार से विधायक रहे सरयू राय चार करोड़ 34 लाख रुपये के स्वामी है। नामांकन के बाद जिला निर्वाचन आयोग की ओर सभी उम्मीदवारों के शपथपत्र जारी किए हैं। उम्मीदवारों द्वारा दिए गए शपथ पत्र में कई उम्मीदवारों की राशि में पिछले पांच वर्षो में काफी  बढ़ोतरी दिखी, वहीं दो ऐसे भी उम्मीदवार हैं जिनकी कुल संपत्ति पिछले पांच वर्षो के दौरान कम हुई है। 

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