एक्सप्रेस-वे की जद में आ रहे भूमि मालिकों ने मांगा पुनर्वास

जागरण संवाददाता कठुआ केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेस-वे योज

By JagranEdited By: Publish:Sat, 30 Jan 2021 06:42 AM (IST) Updated:Sat, 30 Jan 2021 06:42 AM (IST)
एक्सप्रेस-वे की जद में आ रहे भूमि मालिकों ने मांगा पुनर्वास
एक्सप्रेस-वे की जद में आ रहे भूमि मालिकों ने मांगा पुनर्वास

जागरण संवाददाता, कठुआ : केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेस-वे योजना के निर्माण के लिए कठुआ जिले के पहले छोर से भूमि की हदबंदी शुरू हो गई है। पंजाब के साथ लगते पहले छोर के गांव गंडयाल में राजस्व विभाग ने मार्ग की हद में आने वाली भूमि पर सीमेंट के पोल लगाकर निशानदेही करना शुरू कर दी है। उधर, निर्माण की जद में आने वाले अन्य गांवों के लोगों की चिंता भी बढ़ने लगी है। अपनी भूमि एक्सप्रेस-वे के निर्माण में आने पर चिंतित जखबड़ गांव के लोगों ने शुक्रवार को डीसी ओपी भगत से मिल कर समस्या बताई। ग्रामीण यशपाल, सुरेंद्र कुमार, सुनील कुमार, तिलक राज, खेम राज व पुरुषोत्तम लाल ने डीसी को बताया कि उनके पास बहुत कम भूमि है। इससे किसी तरह से खर्च चल पाता है। अब यह भूमि भी एक्सप्रेस-वे के निर्माण की जद में आ रही है। ऐसे में सरकार पहले उनके पुनर्वास का प्रबंध करे, ताकि वो रोजी-रोटी का दूसरे स्थान पर इंतजाम कर सकें। उन्हें भूमि के बदले में भूमि दी जाए। मुआवजा से उनकी भरपाई नहीं हो पाएगी। अगर ऐसा नहीं हुआ तो उनके परिवारों के लिए रोजीरोटी का साधन भी खत्म हो जाएगा। डीसी ने उनकी समस्या सुनने के बाद सरकार को इससे अवगत कराने का आश्वासन दिया। एसडीएम को बताई समस्याएं

संवाद सहयोगी, हीरानगर : ब्लाक हीरानगर के डीडीसी सदस्य अभिनंदन शर्मा ने एसडीएम राकेश कुमार से मिल कर क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा की। उनसे सभी विभागों की कार्यप्रणाली में सुधार लाने को कहा। उन्होंने कहा कि इस समय क्षेत्र के युवा सरकारी नौकरियों, एसपीओ की भर्ती के लिए दस्तावेज तैयार कर रहे हैं। इसके लिए डोमिसाइल, बार्डर प्रमाण पत्र बनाने के लिए कार्यालय में काफी लोग आ रहे हैं। उन्हें प्रमाण पत्र बनाने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए विशेष व्यवस्था की जानी चाहिए। अगर इस दौरान कोई अधिकारी या कर्मचारी छुट्टी पर जाता है तो उसकी जगह दूसरे को नियुक्त किया जाना चाहिए ताकि कोई दिक्कत न हो। उन्होंने कहा कि जमीन से संबंधित नकल बनवाने के लिए पटवार हलकों में राजस्व विभाग के कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था भी होनी चाहिए ताकि गावों के लोगों को तहसील कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। एसडीएम ने कहा कि बार्डर प्रमाण पत्र, डोमिसाइल बनाने का काम तेजी से चल रहा है। इसके लिए अलग से टेबल लगाए गए हैं ताकि लोगों को कोई परेशानी न हो।

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