Jammu And Kashmir: महबूबा की बेटी ने नेताओं की रिहाई पर सरकार को घेरा

पूछा अवैध तरीके से हिरासत में लिए नेताओं को किस कानून के तहत सशर्त रिहा किया जा रहा

By Preeti jhaEdited By: Publish:Fri, 11 Oct 2019 08:57 AM (IST) Updated:Fri, 11 Oct 2019 09:03 AM (IST)
Jammu And Kashmir: महबूबा की बेटी ने नेताओं की रिहाई पर सरकार को घेरा
Jammu And Kashmir: महबूबा की बेटी ने नेताओं की रिहाई पर सरकार को घेरा

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। कश्मीर के चार राजनीतिक नेताओं को सशर्त रिहा किए जाने पर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा ने अपनी मां के अधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। इल्तिजा ने पूछा कि अवैध तरीके से हिरासत में लिए गए इन लोगों को किस कानून के तहत सशर्त रिहा किया जा रहा है? इल्तिजा ही अपनी मां महबूबा के ट्वीटर हैंडल को संचालित कर रही हैं। इसकी पुष्टि उन्होंने कुछ दिन पहले करते हुए कहा था कि वह अपनी मां की तरफ से ट्वीटर चला रही हैं और उनके आधार पर ही राय व्यक्त कर रही हैं।

इल्तिजा ने महबूबा के ट्वीटर हैंडल पर लिखा, खबरें मिली हैं कि आज रिहा किए गए बंदियों से कुछ बांड भरवाए गए हैं। जब इन लोगों की हिरासत ही अवैध थी तो फिर किस कानून के तहत इनकी सशर्त रिहाई हुई है। महबूबा समेत कई लोगों ने ऐसे बांड पर हस्ताक्षर करने से मना किया है। अपनी दिशाहीन नीतियों से सरकार खुद के लिए मुश्किलें पैदा करते हुए हालात बिगाड़ रही है।

इससे पूर्व इल्तिजा ने अपनी मां महबूबा की तरफ से एक ट्वीट करते हुए भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, अगर कश्मीर में सब कुछ सामान्य है तो वहां नौ लाख सैनिक क्या कर रहे हैं। यह सैनिक पाकिस्तान द्वारा किए जाने वाले हमले को रोकने के लिए नहीं हैं। इन्हें यहां विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए तैनात किया गया है। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, भाजपा अपनी चुनावी सियासत और वोट हासिल करने के लिए जवानों के कार्ड का इस्तेमाल कर रही है। 

चार नेताओं की रिहाई, सात कतार में

ब्लॉक विकास परिषदों (बीडीसी) के गठन के लिए नामांकन प्रक्रिया संपन्न होने के साथ राज्य प्रशासन ने दो माह के दौरान एहतियातन हिरासत में लिए राजनीतिक लोगों की रिहाई शुरू कर दी है। कांग्रेस, पीडीपी व नेशनल कांफ्रेंस के चार वरिष्ठ नेताओं को वीरवार सशर्त रिहा कर दिया। राज्य प्रशासन अगले एक सप्ताह में सात व नेताओं को रिहा करने जा रही है।

चार दर्जन हो चुके रिहा :

अभी तक चार दर्जन नेता रिहा हो चुके हैं। इनमें पूर्व मंत्री व पीपुलस कांफ्रेंस के महासचिव इमरान रजा अंसारी शामिल है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक शोएब लोन, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के पूर्व विधायक यावर मीर और नेशनल कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता नूर मुहम्मद को रिहा किया। यावर मीर के पिता दिलावर मीर पूर्व मंत्री हैं। शोएब लोन उत्तरी कश्मीर में संग्रामा से विधायक रह चुके हैं। तीनों डल झील किनारे शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआइसीसी) परिसर में स्थित सेंटूर होटल में रखे थे। सेंटूर को राज्य प्रशासन ने गत अगस्त में पूरक जेल का दर्जा दिया था। सेंटूर में 30 राजनीतिक नेता बंद हैं।

शोएब, नूर मुहम्मद और यावर की रिहाई पर प्रशासन ने बीती रात मुहर लगाई थी। सुबह इन्हें रिहा किया। तीनों ने बांड भरकर दिया है। इसके अलावा पूर्व विधायक आबिद हुसैन को भी रिहा किया गया है। बांड में सभी ने यकीन दिलाया है कि वे कोई ऐसी गतिविधि नहीं करेंगे जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़े।

रिहा होने वालों में श्रीनगर के मेयर भी :

राज्य गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगले एक सप्ताह के दौरान सात और नेताओं को रिहा किया जा सकता है। इनमें पीपुल्स कांफ्रेंस के दो वरिष्ठ नेता जुनैद अजीम मट्टू और शेख इमरान के अलावा नेशनल कांफ्रेंस के पूर्व विधायक शेख इश्फाक जब्बार शामिल हैं। शेख नेशनल कांफ्रेंस के पूर्व विधायक सईद अहमद अखून के दामाद हैं। अखून को बीते माह सशर्त रिहा किया है। पीपुल्स कांफ्रेंस के महासचिव इमरान रजा अंसारी के अलावा पीडीपी के श्रीनगर इकाई के प्रधान और एमएलसी खुर्शीद आलम समेत सात नेताओं को बीते माह रिहा किया था।

संबंधित अधिकारियों ने बताया कि जुनैद घर में नजरबंद हैं। शेख और इश्फाक सेंटूर में बंद हैं। नेकां, पीडीपी और पीडीएफ के चार वरिष्ठ नेता रिहा होने वालों की कतार में हैं। मट्टू और शेख ने सेहत के आधार पर रिहाई के लिए आवेदन किया है। ये जब भी रिहा होंगे, इन्हें बांड भरकर देना पड़ेगा।

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