छात्रवृत्ति घोटाले से शिक्षण संस्थानों में घबराहट

अनुसूचित जनजाति (एसटी) अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के मेधावी छात्रों को वर्ष 2019-20 के लिए भी छात्रवृत्तियां नहीं मिल पाएगी। इसकी वजह यह कि अभी तक ज्यादातर शिक्षण संस्थानों ने इसके लिए नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल(एनएसपी) पर अपने आप को रजिस्टर्ड नहीं करवाया है। इन पर सीबीआइ जांच का असर साफ दिख रहा है। जबकि 2013 से 2017 तक की छात्रवृत्ति घोटालेबाज डकार कर गए हैं। जब से जांच चली है तब से इनके मुखिया घबराए हुए हैं। हालांकि घोटाले में सभी संस्थान शामिल नहीं है। इनमें निजी संस्थानों की भूमिका संदिग्ध रही है। आलम यह है कि उच्चतर शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार को बार- बार रिमा

By JagranEdited By: Publish:Mon, 14 Oct 2019 08:46 PM (IST) Updated:Thu, 17 Oct 2019 06:20 AM (IST)
छात्रवृत्ति घोटाले से शिक्षण संस्थानों में घबराहट
छात्रवृत्ति घोटाले से शिक्षण संस्थानों में घबराहट

राज्य ब्यूरो, शिमला : अनुसूचित जनजाति (एसटी), अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के मेधावी विद्यार्थियों को वर्ष 2019-20 के लिए भी छात्रवृत्ति नहीं मिल पाएगी। वजह यह है कि अभी तक ज्यादातर शिक्षण संस्थानों ने इसके लिए नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (एनएसपी) पर पंजीकरण ही नहीं करवाया है। इस पर सीबीआइ जांच का असर दिख रहा है जबकि 2013 से 2017 तक की छात्रवृत्ति घोटालेबाज डकार गए हैं। जबसे जांच चली है, तबसे इनके मुखिया घबराए हुए हैं।

हालांकि घोटाले में सभी संस्थान शामिल नहीं हैं। केवल निजी संस्थानों की भूमिका संदिग्ध रही है। आलम यह है कि उच्चतर शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार को बार- बार रिमाइंडर देने पड़ रहे हैं कि वे पोर्टल पर पंजीकरण करें। इसके बिना आवेदकों की वैरीफिकेशन नहीं हो पाएगी। उन्होंने अब 15 अक्टूबर यानी मंगलवार तक के लिए मोहलत दी है। अगर फिर भी निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो उस सूरत में लापरवाही बरतने वाले निजी और सरकारी शिक्षण संस्थानों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। उन्होंने 9 अगस्त, 20 अगस्त व 20 सितंबर को निर्देश जारी किए थे। इसकी प्रतिलिपि प्रधान सचिव शिक्षा केके पंत को भी की गई थी। अब फिर से निर्देश दोहराए हैं।

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पहली चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी

265 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले में सीबीआइ ने पहली चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी की ली है। चार्जशीट ऊना जिले के एक संस्थान के खिलाफ होगी। यहां बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा पाया गया है। विद्यार्थियों की जाति से जुड़े प्रमाणपत्रों समेत तमाम तरह के दस्तावेजों में गड़बड़झाला हुआ है। इस संबंध में संस्थान के प्रबंधकों, स्टाफ, बैंककर्मियों व अधिकारियों से कई बार पूछताछ हो चुकी है। पूछताछ का अंतिम दौर लगभग पूरा हो गया है। अब चार्जशीट तैयार की जा रही है। इसमें कानूनी जानकारों की राय ली जा रही है। जैसे ही चार्जशीट दाखिल होगी, एक और बड़े संस्थान पर फोकस करेगी। ऐसे 22 संस्थान चिह्नित किए जा चुके हैं, जहां पर घोटाला हुआ था।

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34 तरह की छात्रवृत्ति

केंद्र और राज्य सरकार 34 तरह की छात्रवृत्ति प्रदान करती हैं। घोटाला पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप में हुआ था। पोर्टल पर दोनों प्रकार की छात्रवृत्ति के लिए रजिस्टर्ड होना पड़ेगा। अब यह मैनुअल आवंटित नहीं होती है।

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