अहिंसा दिवस का अवकाश था, नहीं तो उसी दिन करना था हिंसक एसिड अटैक

अंबाला में तेजाब फेंकने का मामला। दो साल पहले भी किया था दुस्‍साहस। पंचायत ने सुलझाया था विवाद। एक साल पहले दी थी तेजाब डालने की धमकी। वारदात के बाद इधर-उधर हो गए।

By Ravi DhawanEdited By: Publish:Mon, 08 Oct 2018 08:46 PM (IST) Updated:Mon, 08 Oct 2018 08:47 PM (IST)
अहिंसा दिवस का अवकाश था, नहीं तो उसी दिन करना था हिंसक एसिड अटैक
अहिंसा दिवस का अवकाश था, नहीं तो उसी दिन करना था हिंसक एसिड अटैक

जागरण संवाददाता, अंबाला शहर :  अपने मंसूबों में सफल न हुआ तो अंबाला में एसिड अटैक करने वाले ने अपने साथियों के साथ दो अक्‍टूबर को गांधी जयंती पर ही हमला करना था। तब अवकाश होने के कारण उनका प्‍लान सफल नहीं हो सका। बाद में तेजाब फेंका और साथियों के साथ इधर-उधर हो गए। मामला लेबर विभाग में कार्यरत क्लर्क कविता अनेजा के ऊपर तेजाब फेंकने का है। आरोपित अरुण और नीतिन ने कई चौकाने वाले पर्दाफाश किए हैं।

अरुण ने तेजाब फेंका था। उसने बताया कि तेजाब फेंकने से पहले मोती ने उसे बताया था कि इसमें नकली तेजाब है। कुछ नहीं होगा। केवल कविता को डराने के लिए यह उसके ऊपर फेंकना है। दूसरा, उसे मोती ने लालच दिया था कि ऐसा करने पर उसे थ्री व्हीलर मिल जाएगा। इसी मोती के कहने पर पूरी तरह आश्वस्त होकर अरुण ने कविता के ऊपर तेजाब फेंक दिया। जब तेजाब कविता के ऊपर फेंका गया तो जल्दबाजी में तेजाब के छींटे अरुण की बाजू पर भी गिर गए। जैसे ही यह छींटे उसके ऊपर गिरे तो बाजू जलने के कारण उसे एहसास हुआ कि यह तो सच में तेजाब है।

तीन महीने पहले बनी योजना

आरोपितों ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि करीब तीन माह पहले तेजाब फेंकने की योजना बनाई गई थी। इसी योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए मुख्य आरोपित मोती, जोकि कविता की बुआ की ननद का बेटा है, अपने साथ नीतिन और अरुण को लेकर अंबाला आया था। इस दौरान तीनों ने पूरे एरिया की रैकी की थी। इसके बाद मोती हांसी वापस लौट गया और नीतिन व अरुण ने वारदात को अंजाम देने के लिए अंबाला में ही डेरा जमा लिया। यहां एक रात धर्मशाला में रूके। इसके बाद मोती ने उन्हें वापस बुला लिया। क्योंकि दो अक्टूबर को गांधी जयंती का अवकाश था।

पंचायत ने सुलझाया था पहले भी विवाद

कविता को लेकर मोती अपने मन में कई वर्षों से गलत भावना रखता था। करीब दो साल पहले भी उसने कविता के साथ कुछ गलत हरकत की थी। मामला पंचायत तक पहुंच गया था और पंचायत ने ही इस मामले को सुलझाया था। इसके बाद भी मोती नहीं सुथरा। मोती ने करीब एक साल पहले कविता को धमकी दे दी थी कि यदि उसने अपने पति को छोड़कर उसके साथ शादी नहीं की तो उसके ऊपर तेजाब फेंक देगा। कविता पर इस बात का भी कोई असर नहीं पड़ा।

11वीं कर आइटीआइ में पढ़ रहा है आरोपी नीतिन

आरोपी नीतिन और अरुण साथी हैं। नीतिन मोती का अच्छा दोस्त था। इसीलिए नीतिन ने अरुण की मुलाकात मोती से करवाई थी। अरुण ने 11वीं करने के बाद स्कूल छोड़ दिया था। अब उसने आइटीआइ में दाखिला ले लिया था। साथ ही अब वह गुरुग्राम में एक दुकान में काम कर रहा था। नीतिन को मोती ने कहा था कि यदि कविता से उसकी शादी हो जाती है तो वह उसे मोटरसाइकिल दिला देगा। नीतिन भी इस लालच में आ गया। उसने सपने संजो लिए थे कि अब आइटीआइ में मोटरसाइकिल पर जाएगा और खूब तफरी करेगा।

तेजाब फेंकने के बाद अलग-अलग हो गए थे आरोपित

चार अक्टूबर को सुबह 11 बजे मुख्य आरोपी मोती और अरुण हांसी से चले। नरवाना, कैथल से होते हुए अंबाला शहर पहुंचे और जगाधरी गेट सेक्टर सात में पहुंचे। करीब साढ़े 5 बजे कविता को उसके कार्यालय के किसी कर्मी ने घर से कुछ दूरी पर मोटरसाइकिल से उतारा। इसके बाद जैसे ही वह मकान नंबर 242 के पास पहुंची तो मोटरसाइकिल चला रहे मोती तेजी से मोटरसाइकिल उसके पास ले जाता है और पीछे बैठा अरुण जगनुमा डिब्बे से तेजाब फेंक देता है। तेजाब फेंकने के बाद दोनों हांसी चले जाते हैं। हांसी जाने के बाद मोती अपने व अरुण अपने घर चला जाता है लेकिन रात-भर अरुण, मोती को उसके मोबाइल पर संपर्क करता रहा। मोती ने उसका फोन नहीं उठाया। अगले दिन मोती ने अपना फोन बंद कर दिया ताकि किसी को उस पर शक न हो। मोती अभी फरार है।

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