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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 04, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lockdown 3.0 : लॉकडाउन के बीच भड़के प्रवासी श्रमिक, पुलिस से झड़प, पथराव और लाठीचार्ज

By Anurag ShuklaEdited By:
Published: Mon, 04 May 2020 02:25 PM (IST)Updated: Mon, 04 May 2020 06:16 PM (IST)

यमुनानगर में प्रवासी श्रमिकों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। प्रवासी श्रमिकों ने पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए उन्‍हें खदेड़ा।

Lockdown 3.0 : लॉकडाउन के बीच भड़के प्रवासी श्रमिक, पुलिस से झड़प, पथराव और लाठीचार्ज
Lockdown 3.0 : लॉकडाउन के बीच भड़के प्रवासी श्रमिक, पुलिस से झड़प, पथराव और लाठीचार्ज

पानीपत/यमुनानगर, जेएनएन। यमुनानगर के जोडि़या में प्रवासी श्रमिकों और पुलिस के बीच झड़प हुई। श्रमिकों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद भीड़ को भगाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। पुलिस ने श्रमिकों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा। 

घर जाने की जिद पर अड़े फैक्ट्री के श्रमिकों की पुलिस से झड़प हो गई। पहले जोडि़या में घर जाने की जिद पर अड़े श्रमिकों ने जाम लगाया। इसपर पुलिस ने उन्हें समझाया, तो राइडर पर तैनात सिपाही संजीव व एसपीओ रमेश चंद साथ हाथापाई की और उसकी बाइक तोड़ डाली। देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया। पथराव होते देख पुलिसकर्मियों को जान बचाने के लिए भागना पड़ा। बाद में अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। साथ ही आसपास की कॉलोनी के लोग भी पुलिस के साथ खड़े हुए और तब पुलिस ने श्रमिकों पर बल प्रयोग किया और मामला शांत हुआ।  

जिले में प्लाईवुड फैक्ट्रियों में काफी लेबर कार्य करती है। अधिकतर श्रमिक फैक्ट्री में ही बने क्वार्टरों में रहते हैं। कोरोना फैलने के बाद सरकार ने लॉकडाउन किया, तो इन श्रमिकों के सामने समस्या खड़ी हो गई। फैक्ट्रियां बंद हुई, तो इनको खाने की दिक्कत होने लगी। इसके बाद से ही श्रमिक अपने घरों को जाने की जिद कर रहे थे। 

Yamunanagar

फैक्ट्री मालिकों पर वेतन रोकने का आरोप 

जोडि़या क्षेत्र में प्लाईवुड की काफी फैक्ट्रियां हैं। इनमें हजारों की संख्या में श्रमिक कार्य करती है। सोमवार को लेबर सड़क पर आ गए और जाम लगा दिया। श्रमिकों का आरोप है कि फैक्ट्री मालिकों ने उन्हें वेतन नहीं दिया है। अब उनके पास खाने तक का सामान नहीं है। इसलिए प्रशासन उनको वापस भेजने की व्यवस्था करे। कई दिन से वह चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। 

शेल्टर होम के श्रमिकों के बाद से ही उठ रही मांग 

शेल्टर होम में ठहराए गए पंजाब से आए श्रमिकों को प्रशासन ने वापस भिजवा दिया। इनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड व मध्य प्रदेश के श्रमिक थे, लेकिन बिहार के श्रमिकों के बारे में अभी तक कोई फैसला नहीं हो सका। कई प्रदेशों के श्रमिकों के जाने के बाद  स्थानीय फैक्ट्रियों की लेबर भी घर जाने की जिद कर रही है। रोज पास बनवाने के लिए भी वह लघु सचिवालय में पहुंच रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से उनके बारे में कोई आदेश नहीं मिले हैं। फैक्ट्रियां भी बंद हैं, क्योंकि कच्चे माल की दिक्कत है। ऐसे में फैक्ट्री मालिक भी श्रमिकों को वापस भेजे जाने के हक में हैं। 

Yamunanagar

ऐसे चला घटनाक्रम

सुबह करीब साढ़े नौ बजे जोडिय़ा में सैकड़ों की संख्या में श्रमिक सड़क पर एकत्र हो गए। वाहनों को रुकवा दिया। इस दौरान एक चालक ने ट्रक चलाने की कोशिश की, तो उस पर भी पथराव कर शीशे तोड़ डाले। सिपाही संजीव कुमार ने बताया कि वह एसपीओ रमेश चंद के साथ गश्त पर थे। सुबह करीब दस बजे जब वह रादौर रोड पर प्रेम धर्म कांटा के पास पहुंचे, तो वहां पर कुछ लोगों ने सड़क पर पत्थर गिराकर जाम लगा रखा था। जब उन्हें रास्ता खोलने के लिए कहा, तो एक साथ काफी लोग आ गए और रमेश के सिर पर हमला कर दिया। उसके सिर पर भी हमला किया। किसी तरह वह मौके से जानबचाकर भागे। श्रमिकों ने वहां खड़ी सरकारी बाइक भी तोड़ डाली। बाद में पीसीआर आई। जिस पर भी लोगों ने पत्थर बरसाए। बाद में अन्य पुलिस बल पहुंचा, तो आरोपित वहां से भागे। सिपाही संजीव की ओर से शिकायत में कहा गया है कि फैक्ट्री मालिक व ठेकेदारों की शह पर श्रमिकों ने सड़क जाम की और पुलिस के साथ मारपीट की। 

फर्कपुर थाना प्रभारी मुकेश शर्मा ने बताया कि पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने व जाम लगाने के आरोप में श्रमिकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वीडियो फुटेज के आधार पर उनकी पहचान की जा रही है। 

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