संत-महात्माओं की छाया में फल-फूल रहा समाज : कमलेश ढांडा

महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि मानव अपने जीवन मे स्वार्थ-सिद्धि के चलते इंसानियत को भूल रहा है। इसके विपरीत संत-महात्माओं की छाया में रहने वाले लोग न केवल आपसी सौहार्द बढ़ाने के उदाहरण पेश कर रहे हैं अपितु एक-दूसरे की चुनौतियों का सामना करने में भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ दे रहे हैं। उन्होंने सामाजिक-धार्मिक संगठनों से आह्वान किया कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री मनोहर लाल की जनकल्याणकारी नीतियों का लाभ जरूरतमंद तक पहुंचाने में अपना योगदान दें।

JagranPublish:Sun, 01 Aug 2021 06:43 AM (IST) Updated:Sun, 01 Aug 2021 06:43 AM (IST)
संत-महात्माओं की छाया में फल-फूल रहा समाज : कमलेश ढांडा
संत-महात्माओं की छाया में फल-फूल रहा समाज : कमलेश ढांडा

कैथल (वि): महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि मानव अपने जीवन मे स्वार्थ-सिद्धि के चलते इंसानियत को भूल रहा है। इसके विपरीत संत-महात्माओं की छाया में रहने वाले लोग न केवल आपसी सौहार्द बढ़ाने के उदाहरण पेश कर रहे हैं, अपितु एक-दूसरे की चुनौतियों का सामना करने में भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ दे रहे हैं। उन्होंने सामाजिक-धार्मिक संगठनों से आह्वान किया कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री मनोहर लाल की जनकल्याणकारी नीतियों का लाभ जरूरतमंद तक पहुंचाने में अपना योगदान दें।

राज्यमंत्री कमलेश ढांडा शनिवार को प्रताप गेट स्थित नवनिर्मित श्रीराम कुटिया सत्संग भवन के लोकार्पण एवं श्रीराम दरबार स्थापना अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहीं थीं। उन्होंने समिति को अपने स्वैच्छिक कोष से 11 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की। राजमंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि संत महात्माओं की शरण में आना सदैव सुखद अहसास देता है। इस धरती पर मनुष्य न जाने कितनी ही प्रकार की इच्छाएं पालते हुए उनकी पूर्ति के लिए दिन रात लगा रहता है। लेकिन केवल संत-महात्मा ऐसे हैं, जो समाज में भाईचारा, प्रेम, सच्चाई, ईमानदारी और संस्कारों की प्रेरणा देते हैं।

उनकी शिक्षा का अनुसरण करने का ही परिणाम है कि आज समाज में भाईचारा और समाज में एक-दूसरे के प्रति इंसानियत निभाने के उदाहरण हमारे सामने आते रहते हैं। उन्होंने श्रीराम दरबार की भी स्थापना की सराहना करते हुए श्रद्धालुओं से आह्वान करते हुए कहा कि वह धर्म ध्वज की पताका के संकल्प को न केवल खुद धारण करें, अपितु युवाओं को भी प्रेरित करें। आज संतों की शरण में न केवल खुद रहने की जरूरत हैं, अपितु युवा वर्ग को भी उनका निरंतर आशीर्वाद पाने के लिए प्रेरित करने का समय आ गया है।

इस अवसर पर कलानौर आश्रम महंत खुशहाल दास महाराज, श्री सत जिदा कल्याण सेवा समिति के प्रधान योगराज बत्रा, शिव शंकर पाहवा, उपप्रधान श्याम मदान, महासचिव तुलसी मदान, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुकरेजा व अलग-अलग क्षेत्र से आए साधु-महात्मागण मौजूद रहे।