विवादित टिप्पणी करने के मामले में एसएसपी कार्यालय पर ब्राह्मण समाज के लोगों ने किया हंगामा

ब्राह्मण समाज के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से आहत ब्राह्मण समाज के लोगों ने सोमवार को एसएसपी कार्यालय पर जमकर हंगामा किया।

By JagranEdited By: Publish:Tue, 31 Dec 2019 08:50 AM (IST) Updated:Tue, 31 Dec 2019 08:50 AM (IST)
विवादित टिप्पणी करने के मामले में एसएसपी कार्यालय पर ब्राह्मण समाज के लोगों ने किया हंगामा
विवादित टिप्पणी करने के मामले में एसएसपी कार्यालय पर ब्राह्मण समाज के लोगों ने किया हंगामा

जागरण संवाददाता, जींद : ब्राह्मण समाज के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से आहत ब्राह्मण समाज के लोगों ने सोमवार को एसएसपी कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। ब्राह्मण समाज के लोग एसएसपी कार्यालय के मुख्य गेट के बाहर धरने पर बैठ गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।

विश्व हिदू परिषद, बजरंग दल, अखिल भारतीय ब्राह्मण आरक्षण संघर्ष समिति, ब्राह्मण सभा जींद, जयति-जयति हिदू महान संगठन, ब्राह्मण उत्थान मंच, गौरक्षा दल, परशुराम सेना, युवा ब्राह्मण और अन्ना टीम से जुड़े लोगों ने कड़े तेवर दिखाते हुए पुलिस को खरी-खोटी सुनाई। डीएसपी धर्मवीर खर्ब ने कहा कि इस मामले से जुड़े दोनों पक्षों को बुलाया गया था। मामला सुलझ जाएं, इसके लिए पुलिस सकारात्मक प्रयास कर रही हैं। इस दौरान विश्व हिन्दू परिषद के प्रचार प्रमुख सुशील शास्त्री ने कहा कि पुलिस जानबूझकर जातीय जहर उगलने वाले के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही हैं। इसलिए अब तीन जनवरी को सीएए के समर्थन में यात्रा निकालने के दौरान रोड जाम किया जाएगा। इस मौके पर सुशील शास्त्री, हरिश रामकली, हरिराम दीक्षित, अतुल प्रताप चौहान, भगवान दत्त शर्मा, ओमनारायण शर्मा, राजेश गौतम, पंडित तेलू राम, नीरज वत्स, एडवोकेट नरेंद्र शर्मा, सुनील वशिष्ठ, रामफल पेगां, बलवान कौशिक, रामफल कालवां सहित अन्य लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर जमकर रोष जताया। विश्वहिन्दू परिषद नेता सुशील शास्त्री ने कहा कि गत 20 दिसंबर को लघु सचिवालय जींद के बाहर कुछ लोगों ने सीएए, और एनआरसी के विरोध में धरना दिया था। इस दौरान इन लोगों ने भाजपा की केंद्र सरकार को कोसने के साथ-साथ ब्राह्मणों को विदेशी बताकर उन्हें देश से बाहर निकालने की बात कही। धरने के दौरान जिन असामाजिक तत्वों ने जातीय दंगे भड़काने के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी का प्रयोग किया है, उससे ब्राह्मण समाज के साथ-साथ देश की एकता और अखंडता में विश्वास रखने वाली दूसरी जातियों को भी बड़ा भारी आघात पहुंचा हैं। खासकर ब्राह्मण समाज के लोगों में तो नारे लगाने वाले लोगों को लेकर बड़ा रोष बना हुआ हैं। जो सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं। जातीय जहर उगलने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए 23 दिसंबर को विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। इसके लिए पुलिस प्रशासन को पांच दिन का अल्टीमेटम दिया गया था। इस मामले की जांच कर रहे डीएसपी धर्मवीर खर्ब ने सोमवार को दोनों पक्षों को बुलाया था। शिकायत देने वाले पक्ष से जुड़े लोग कई घंटे उनके कार्यालय में बैठे रहे, लेकिन जातीय जहर उगलने वाला युवक नहीं पहुंचा। पुलिस इस मामले को जानबूझकर दबाने का काम कर रही हैं। पुलिस की कार्यप्रणाली से यह बात सिद्ध हो रही है कि वह जातीय जहर उगलने वालों से मिली हुई हैं।

घंटों करते रहे इंतजार, नहीं पहुंचा विवादित बयान देने वाला

ब्राह्मण समाज को लेकर विवादित टिप्पणी करने वाले मुख्य युवक का शिकायत करने वाले दर्जनों लोग इंतजार करते रहे। जब वह युवक नहीं पहुंचा तो विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों का संयम टूट गया और वे एसपी कार्यालय के बाहर धरना देकर नारेबाजी की। सुशील शास्त्री ने कहा कि पुलिस उनके संयम का इम्तिहान ले रही हैं। अब विभिन्न संगठनों के लोग इस मामले में तभी शांत होंगे, जब जातीय जहर उगलने वाले युवक तथा उनके साथियों के खिलाफ पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी। पुलिस की कार्यप्रणाली के विरोध में 3 जनवरी को रोष बाहर निकलकर आयेगा।

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