उचाना के इतिहास की सबसे बड़ी जीत का रिकार्ड दुष्यंत चौटाला के नाम

हरियाणा विधानसभा के वीरवार को जारी हुए चुनावी नतीजों में उचाना कलां विधानसभा क्षेत्र में नया रिकार्ड कायम हुआ है।

By JagranEdited By: Publish:Fri, 25 Oct 2019 06:20 AM (IST) Updated:Fri, 25 Oct 2019 06:20 AM (IST)
उचाना के इतिहास की सबसे बड़ी जीत का रिकार्ड दुष्यंत चौटाला के नाम
उचाना के इतिहास की सबसे बड़ी जीत का रिकार्ड दुष्यंत चौटाला के नाम

प्रदीप घोघड़ियां, जींद : हरियाणा विधानसभा के वीरवार को जारी हुए चुनावी नतीजों में उचाना कलां विधानसभा क्षेत्र में नया रिकार्ड कायम हुआ है। उचाना से जेजेपी प्रत्याशी दुष्यंत चौटाला ने भाजपा प्रत्याशी को 47452 मतों से करारी शिकस्त दे अब तक की सबसे बड़ी जीत का रिकार्ड अपने नाम किया है। इससे पहले सबसे बड़ी जीत का रिकार्ड इनेलो के देसराज नंबरदार के नाम था, जिन्होंने 1987 में कांग्रेस के सूबे सिंह को 45248 मतों के अंतर से हराया था। दुष्यंत चौटाला ने इस रिकार्ड को पीछे छोड़ते हुए सबसे बड़ी जीत का नया रिकार्ड बनाया है। उचाना विधानसभा में इससे पहले हुए 9 विधानसभा चुनावों में पांच ही चेहरे थे, जो विधायक बने थे, दुष्यंत चौटाला छठे नए चेहरे के रूप में विधायक बने हैं।

1967 में जब हरियाणा प्रदेश अलग राज्य के रूप अस्तित्व में आया तो उस समय उचाना राजौंद विधानसभा क्षेत्र में आता था। 1977 में उचाना कलां अलग विधानसभा क्षेत्र बना तो पहले चुनाव 1977 में हुए। 1977 में उचाना विधानसभा के पहले चुनावों में मुकाबला कांग्रेस के बीरेंद्र सिंह और जनता पार्टी के रणबीर सिंह के बीच था, जिसमें बीरेंद्र सिंह ने 12120 वोट और रणबीर सिंह ने 10488 वोट लिए थे और बीरेंद्र सिंह की 1632 वोटों से जीत हुई थी। इसके बाद 1982 में फिर से कांग्रेस के बीरेंद्र सिंह विधायक बने थे। 1987 में जब प्रदेश में परिवर्तन की लहर चली थी तो उचाना से लोकदल के देसराज नंबरदार ने 55361 वोट लेकर कांग्रेस के सूबे सिंह को 45248 वोटों से हराया था। इसमें सूबे सिंह को महज 10113 वोट ही मिल पाई थी। 1991 में फिर से कांग्रेस के बीरेंद्र सिंह ने जनता पार्टी के देशराज को हरा जीत हासिल की थी। 1996 में भी बीरेंद्र सिंह ही कांग्रेस पार्टी के उचाना से विधायक बने थे। 2000 में हुए विधानसभा चुनावों में इनेलो के भाग सिंह छात्तर ने कांग्रेस के बीरेंद्र सिंह को हराया था।

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उचाना विधानसभा सीट पर सबसे कम जीत का रिकार्ड ओपी चौटाला के नाम

उचाना विधानसभा क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी जीत दुष्यंत चौटाला के नाम हो गई है। अगर बात की जाए सबसे कम वोटों की जीत की तो यह जीत का रिकार्ड दुष्यंत चौटाला के दादा इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के नाम है। 2009 में हुए विधानसभा चुनावों में इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला और कांग्रेस के बीरेंद्र सिंह आमने-सामने थे। इसमें ओपी चौटाला को 62669 और बीरेंद्र सिंह को 62048 वोट मिले थे। ओपी चौटाला ने बीरेंद्र सिंह को 621 वोटों के अंतर से हराया था, जो उचाना विधानसभा के इतिहास की सबसे कम वोटों से जीत थी।

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उचान से विधायक के रूप में दुष्यंत छठा नया चेहरा

1977 से अब तक उचाना विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने पांच चेहरों को ही विधायक बनाकर विधानसभा में भेजा है। दुष्यंत चौटाला छठे नए चेहरे के रूप में उचाना विस से विधायक पद की शपथ लेंगे। अब तक उचाना विधानसभा क्षेत्र से बीरेंद्र सिंह, देशराज नंबरदार, भाग सिंह छात्तर, ओमप्रकाश चौटाला, प्रेमलता को विधायक बना विधानसभा में भेजा है। बीरेंद्र सिंह सर्वाधिक पांच बार उचाना से विधायक बने हैं। उचाना से विधायक के रूप में छठे नए चेहरे के रूप में दुष्यंत पहली बार विधायक के रूप में उचाना का प्रतिनिधित्व करेंगे।

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यह है उचाना विधानसभा क्षेत्र में हुए अब तक के चुनावों के विजेता प्रत्याशी और उनकी जीत का अंतर का ब्यौरा

चुनावी साल -विजयी प्रत्याशी (पार्टी का नाम) -निकतम प्रतिद्वंद्वी(पार्टी का नाम) -जीत का अंतर

1977 -बीरेंद्र सिंह (कांग्रेस) -रणबीर सिंह (जनता पार्टी) -1632

1982 -बीरेंद्र सिंह (कांग्रेस) -देशराज (आजाद) -9806

1987 -देशराज (लोकदल) -सूबे सिंह (कांग्रेस) -45248

1991 -बीरेंद्र सिंह (कांग्रेस) -देशराज (जनता पार्टी) -8844

1996 -बीरेंद्र सिंह (कांग्रेस तिवारी) -भाग सिंह(समता) -3912

2000 -भाग सिंह छात्तर(इनेलो) -बीरेंद्र सिंह(कांग्रेस) -6942

2005 -बीरेंद्र सिंह (कांग्रेस) -देशराज (इनेलो) -12832

2009 -ओपी चौटाला(इनेलो) -बीरेंद्र सिंह (कांग्रेस) -621

2014 -प्रेमलता(भाजपा) -दुष्यंत चौटाला(इनेलो) -7480

2019 -दुष्यंत चौटाला(जेजेपी) -प्रेमलता (भाजपा) 47452

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