गुजरात कांग्रेस में असंतोष थामने के लिए हो सकती है कार्यवाहक अध्यक्षों की नियुक्ति

Gujarat congress. गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा है कि कांग्रेस नेताओं में असंतोष व्याप्त है तथा कांग्रेस में एक बार फिर विभाजन होने वाला है।

By Sachin MishraEdited By: Publish:Mon, 07 Jan 2019 04:46 PM (IST) Updated:Mon, 07 Jan 2019 04:46 PM (IST)
गुजरात कांग्रेस में असंतोष थामने के लिए हो सकती है कार्यवाहक अध्यक्षों की नियुक्ति
गुजरात कांग्रेस में असंतोष थामने के लिए हो सकती है कार्यवाहक अध्यक्षों की नियुक्ति

अहमदाबाद, शत्रुघ्न शर्मा। गुजरात कांग्रेस में असंतोष को थामने के लिए पार्टी आलाकमान प्रदेश में कार्यवाहक अध्यक्षों की नियुक्ति कर सकता है। लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का युवा नेताओं के साथ तालमेल बेहतर हों, इसके लिए इस फार्मूले पर विचार किया जा रहा है। वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ही इस पर अंतिम मुहर लगाएंगे।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गत विधानसभा चुनाव में बतौर पार्टी प्रभारी पार्टी को मुकाबले की स्थिति में ला दिया था, कांग्रेस ने बीते दो दशक में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया जिससे लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी में उम्मीदें जग गई। चूंकि गत लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सभी 26 सीट पर हार गई थी लेकिन विधानसभा चुनाव परिणाम के आधार पर कांग्रेस को लोकसभा की आठ से दस सीट पर जीत की उम्मीद नजर आ रही है जिससे पार्टी में खींचतान भी बढ गई है।

विधानसभा चुनाव में हार का सामना करने वाले वरिष्ठ नेता अब लोकसभा चुनाव में टिकट की उम्मीद लगाए बैठे हैं लेकिन प्रदेश के युवा अध्यक्ष अमित चावडा व नेता विपक्ष परेश धनाणी के चलते उनका दांव चल पाएगा या नहीं इसी आशंका के चलते अभी से अगले चुनाव की लॉबिंग शुरू हो गई है। नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से गुजरात कांग्रेस के आला नेताओं की बैठक होनी है इससे पहले गुजरात कांग्रेस के दो प्रमुख खेमे अपनी अपनी दावेदारी मजबूत करने में लगे हैं, युवा अध्यक्ष व नेता विपक्ष व वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिल्ली में अपने अपने नेताओं के यहां डेरा जमाए बैठे हैं।

अटकलें यह भी है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया, पूर्व अध्यक्ष सिद्वार्थ पटेल, पूर्व केन्द्रीय मंत्री तुषार चौधरी, विधानसभा में पार्टी के सचेतक शैलेष परमार तथा विधायक हिम्मतसिंह पटेल को गुजरात प्रदेश का कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया जासकता है। विविध समुदाय को अपने साथ मजबूती से जोडने व वरिष्ठ नेताओं की नाराजगीको दूर करने के लिए प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में उनकी नाम पट्टीका लगती है तो समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया जा सकता है। गुजरात कांग्रेस का फैसला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के पूर्व राजनीतिक सचिव व पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अहमद पटेल के चैंबर से निकलता है इसलिए राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस फार्मूले पर अंतिम मुहर पटेल ही लगा सकते हैं।

कांग्रेस आलाकमान से नाराजगी जताई

कांग्रेस विधायक व ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर तथा विधायक धवल सिंह झाला ने भी प्रदेश कांग्रेस आलाकमान से नाराजगी जताई है। बायड से विधायक झाला ने बताया कि कांग्रेस में ओबीसी वर्ग के साथ कांग्रेस नेत्रत्व उपेक्षा बरत रहा है। जिला व तहसील स्तर पर उनको संगठन में जिम्मेदारी से दूर रखा जा रहा है। अल्पेश शाम को नई दिल्ली पहुंचकर वरिष्ठ नेता अहमद पटेल से मिलकर चर्चा करेंगे। इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष व नेता विपक्ष राज्य के पार्टी प्रभारी राजीव सातव के सरकारी आवास पर बैठक कर यहां के राजनीतिक हालात से अवगत करा चुके हैं।

कांग्रेस में विभाजन तय: नितिन पटेल

गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने आग में घी डालते हुए कहा है कि कांग्रेस नेताओं में असंतोष व्याप्त है तथा कांग्रेस में एक बार फिर विभाजन होने वाला है। नितिन पटेल ने कहा कि कांग्रेस के उत्तर गुजरात के कुछ विधायक उनके संपर्क में हैं तथा वे भाजपा में शामिल होने को तैयार हैं। गौरतलब है कि अल्पेश ठाकोर व धवल सिंह दोनों ओबीसी आंदोलन से निकले हैं तथा उत्तर गुजरात से विधायक चुने गए हैं।  

chat bot
आपका साथी