एक्सप्रेस-वे की रफ्तार का सियासी लाभ लेगी भाजपा, निशाने पर रहेगी दिल्ली सरकार

निगमों पर लगातार तीसरी बार कब्जा करने के बाद भाजपा का लक्ष्य लोकसभा चुनाव में फिर से सातों सीटें जीतने और विधानसभा चुनाव जीतकर दिल्ली की सत्ता हासिल करना है।

By Edited By: Publish:Sun, 27 May 2018 08:01 PM (IST) Updated:Mon, 28 May 2018 01:57 PM (IST)
एक्सप्रेस-वे की रफ्तार का सियासी लाभ लेगी भाजपा, निशाने पर रहेगी दिल्ली सरकार
एक्सप्रेस-वे की रफ्तार का सियासी लाभ लेगी भाजपा, निशाने पर रहेगी दिल्ली सरकार

नई दिल्ली (संतोष कुमार सिंह)। नई दिल्ली (जेएनएन)। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे का रिकॉर्ड समय में तैयार होना राज्य सरकारों, खासकर दिल्ली की केजरीवाल सरकार को आईना दिखाता है। परियोजनाओं का न सिर्फ शिलान्यास होता है, बल्कि तय समयसीमा में इसे पूरा करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। इन परियोजनाओं से यातायात जाम और वायु प्रदूषण से बेहाल दिल्ली-एनसीआर के लोगों को राहत मिलने के साथ ही भाजपा को सियासी लाभ भी मिलेगा।

भाजपा इन दो एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण की उपलब्धि के जरिये दिल्ली फतह की कोशिश को भी रफ्तार देगी। एनएच-9 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड शो में जुटी हजारों की भीड़ और कार्यकर्ताओं का उत्साह इसी ओर इशारा करता है। अब कार्यकर्ता लोगों के बीच यह संदेश लेकर पहुंचेंगे कि भाजपा का एकमात्र लक्ष्य विकास है और वह जनता से किए वादों को पूरा करने को लेकर दृढ़ संकल्प है।

दिल्ली के नगर निगमों पर लगातार तीसरी बार कब्जा करने के बाद भाजपा का लक्ष्य अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव में फिर से सातों सीटें जीतने और विधानसभा चुनाव जीतकर दिल्ली की सत्ता हासिल करना है। इसके लिए संगठन को मजबूत करने के साथ ही केंद्र सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाकर उन्हें अपने साथ जोड़ने की रणनीति पर भी पार्टी काम करेगी।

रविवार को प्रधानमंत्री के हाथों दो विश्वस्तरीय स्मार्ट एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन और तपती धूप में दिल्ली में निजामुद्दीन रिंग रोड जंक्शन से पटपड़गंज तक उनके रोड-शो से इसकी शुरुआत हो गई है। दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या यातायात जाम और प्रदूषण की है।

लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं, जिससे दिल्ली में वायु प्रदूषण भी बढ़ता है। प्रदूषण की समस्या इतनी भयावह हो गई है कि सुप्रीम कोर्ट से लेकर संसद तक में इसे लेकर चिंता जताई गई है। इसे लेकर केजरीवाल सरकार कठघरे में है। सिग्नेचर ब्रिज, मेट्रो के तीसरे चरण में देरी, चौथे चरण की फाइल की मंजूरी में अड़ंगा, दिल्ली में सफर सुगम बनाने वाली कई अन्य परियोजनाओं का अधर में लटकना और दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बदहाली के लिए भाजपा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराती रही है।

उसका कहना है कि केजरीवाल की टकराव की सियासत और अदूरदर्शिता का खामियाजा दिल्लीवासी भुगत रहे हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी का कहना है कि दिल्ली में प्रधानमंत्री ने पहली बार इस तरह से रोड शो किया है। ऐसा करके उन्होंने दिल्ली और देश को विकास के मुद्दे पर आगे बढ़ने को प्रेरित किया है।

उनका कहना है कि जहा यातायात जाम और प्रदूषण को लेकर दिल्ली सरकार की योजनाएं वषरें से अधर में हैं, वहीं, केंद्र सरकार ने दिल्ली को जाम मुक्त व प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए एनएच-9 के पहले चरण और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के काम को रिकॉर्ड समय में पूरा किया है। यह दर्शाता है कि दिल्ली की जनता से प्रधानमंत्री और भाजपा ने जो वादा किया था, वे उसे पूरा करने को लेकर गंभीर हैं। 

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