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Cryptocurrency किस तकनीक पर करती है काम, क्‍यों हो रहा उसका ज्‍यादा नाम-जानिए यहां

Blockchain technology news Cryptocurrency को लेकर काफी खबरें आ रही हैं। RBI समेत कई नियामक इस पर पाबंदी की बात कर रहे हैं तो दूसरी तरफ क्रिप्टोकरंसी से संबंधित तकनीक यानि ब्‍लॉकचेन की तारीफ भी कर रहे हैं।

Ashish DeepPublish:Fri, 26 Nov 2021 03:10 PM (IST) Updated:Sat, 27 Nov 2021 07:52 AM (IST)
Cryptocurrency किस तकनीक पर करती है काम, क्‍यों हो रहा उसका ज्‍यादा नाम-जानिए यहां

नई दिल्‍ली, बिजनेस डेस्‍क। Cryptocurrency को लेकर काफी खबरें आ रही हैं। RBI समेत कई नियामक इस पर पाबंदी की बात कर रहे हैं तो दूसरी तरफ क्रिप्टोकरंसी से संबंधित तकनीक यानि ब्‍लॉकचेन की तारीफ भी कर रहे हैं। आखिर इस तकनीक में ऐसी क्‍या खास बात है, जो इसके इस्‍तेमाल को प्रोत्साहित करने की बात हो रही है। बता दें कि भारत में अभी क्रिप्टोकरंसी के इस्‍तेमाल के संबंध में न तो कोई प्रतिबंध है और न ही कोई नियमन की व्यवस्था है।

क्‍या है Blockchain technology

जानकारों की मानें तो ब्लाकचेन टेक्नोलाजी के जरिए कागजातों को डिजिटल रूप से सुरक्षित किया जा सकता है। इससे कोई अन्य व्यक्ति इसमें किसी भी तरह से छेड़छाड़ या बदलाव नहीं कर सकता है। CA मनीष कुमार गुप्‍ता के मुताबिक ब्लॉकचेन ऐसी तकनीक है जिससे Digital Currency बनाने के साथ ही किसी भी चीज को डिजिटल बनाकर उसका रिकॉर्ड रखा जा सकता है। यह एक तरह का डिजिटल लेजर है।

क्‍या है Bitcoin, Ether

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Bitcoin, Ether एक प्राइवेट क्रिप्‍टोकरंसी है, जिस पर किसी नियामक का बस नहीं है। इन करंसी को एक डिजिटल मीडियम कहा जा सकता है। ऐसा माध्‍यम जिसके जरिए खरीद-फरोख्‍त हो सकती है। मनीष गुप्‍ता के मुताबिक इसे करंसी नाम देना सही नहीं है क्‍योंकि इसकी कोई स्‍थायी वैल्‍यू नहीं है।

Blockchain का फायदा

RBI का मानना है कि Blockchain तकनीक का इस्‍तेमाल बैंकिंग सेक्टर नेटवर्क को और सुरक्षित बनाने में हो सकता है। ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के इस्‍तेमाल से सर्वर हैकिंग, आइडेंटिटी थेफ्ट जैसे खतरों से बचा जा सकता है। यह तकनीक क्‍लाउड स्‍टोरेज में भी मदद कर सकती है। भारत में इस तकनीक के इस्‍तेमाल से सरकारी फाइलों का डिजिटाइजेशन भी किया जा रहा है।

Paytm ने की वकालत

इस बीच, Paytm के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने Cryptocurrency पर आपत्ति के बावजूद इसके बने रखने की बात कही है। उनके मुताबिक यह वर्चुअल मुद्रा बनी रहने वाली है। शर्मा ने उद्योग मंडल इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) के एक कार्यक्रम को ‘ऑनलाइन’ संबोधित करते हुए कहा कि क्रिप्टोकरेंसी असल में सुरक्षित संचार तकनीकों के अध्ययन वाली विधा क्रिप्टोग्राफी पर आधारित मुद्रा है।